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ग़ज़ल#डॉ अलका पाण्डेय मुम्बई जी द्वारा उम्दा रचना#

प्रकाश कुमार सितंबर 16, 2020
ग़ज़ल  हाल मेरा जो गर सुना होगा वो भी रुसवाई से डरा होगा मैं भी तनहा हूं ये जहां तन्हा तू भी तन्हा कभी रहा होगा मेरी तकदीर में ह...Read More
ग़ज़ल#डॉ अलका पाण्डेय मुम्बई जी द्वारा उम्दा रचना# ग़ज़ल#डॉ अलका पाण्डेय मुम्बई जी द्वारा उम्दा रचना# Reviewed by प्रकाश कुमार on सितंबर 16, 2020 Rating: 5
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