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बेवजह#

प्रकाश कुमार अगस्त 28, 2020
बेवजह बेवजह हमारा यूँ खिलखिलाना। उनका दिल में दस्तक दे जाना।। रातों को नींद पर डाका डालना। तकिये से सिमटकर बतियाना।। आखिर सब बेवजह ही तो है।...Read More
बेवजह# बेवजह# Reviewed by प्रकाश कुमार on अगस्त 28, 2020 Rating: 5
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