Results for मुक्तक
बदलाव मंच अगस्त 15, 2020
ये बदलाव की तो महज़ शुरुआत है। यहाँ तो न जाने कितने पुरोधाओं की ज़मात है। इतना बुलंदी पे पहुंचाएंगे इस मंच को मिलकर दोस्तों कि लोग भी कह उठेंग...Read More
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फिर एक नई सुबह आई है

बदलाव मंच जुलाई 29, 2020
फिर एक नई सुबह आई है,* एक रंग नया  लेकर आई है,* चलो उठो खुद को रंगते हैं,*  अपने तो पालक रघुराई हैं*..             *भ्रमरपुरिया*Read More
फिर एक नई सुबह आई है फिर एक नई सुबह आई है Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 29, 2020 Rating: 5

दोहा छंद और सवैया मैंने चौपाई नहीं सीखी मुंह भलाई पीठ पै करना मैंने बुराई नहीं सीखी

बदलाव मंच जुलाई 24, 2020
मंच को नमन मुक्तक दोहा छंद और सवैया मैंने चौपाई नहीं सीखी मुंह भलाई पीठ पै करना मैंने बुराई नहीं सीखी माणिक सुंदरता का लगा मुखौटा व्यापार नह...Read More
दोहा छंद और सवैया मैंने चौपाई नहीं सीखी मुंह भलाई पीठ पै करना मैंने बुराई नहीं सीखी दोहा छंद और सवैया मैंने चौपाई नहीं सीखी मुंह भलाई पीठ पै करना मैंने बुराई नहीं सीखी Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 24, 2020 Rating: 5

उनकी गफलतों को हम , नज़रंदाज़ करते रहे ।

बदलाव मंच जुलाई 10, 2020
उनकी गफलतों को हम ,  नज़रंदाज़ करते रहे ।  उन्हें अदावत थी हमसे ,  फिर भी हम प्यार करते रहे ॥  जानें कब भड़क जाए मेरे इश्क का शरर ।  उनके  इ...Read More
उनकी गफलतों को हम , नज़रंदाज़ करते रहे । उनकी गफलतों को हम ,  नज़रंदाज़ करते रहे । Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 10, 2020 Rating: 5

दिखावा

बदलाव मंच जुलाई 10, 2020
*मुक्तक*   *दिखावा*  फर्जी लोगो से भी मैं बहुत कुछ सीख लेता हूँ। जो बीतता है दिल पे मैं झट से लिख लेता हूँ। ये दुनिया का रीत है सीख के सिखात...Read More
दिखावा दिखावा Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 10, 2020 Rating: 5

यही वो आकाश है, जिसे मजदूर ओढ़ता है*,

बदलाव मंच जुलाई 09, 2020
 *यही वो आकाश है, जिसे मजदूर ओढ़ता है*,  *बिछौना धरती को कर सो जाता है*        *भ्रमरपुरिया* इन्सान  हूँ मैं. यही है काफी..  अभी करने को... ...Read More
यही वो आकाश है, जिसे मजदूर ओढ़ता है*, यही वो आकाश है, जिसे मजदूर ओढ़ता है*, Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 09, 2020 Rating: 5

तारा दूर चला गया, कोनी रहा समीप।

बदलाव मंच जुलाई 09, 2020
तारा  दूर   चला  गया,  कोनी  रहा  समीप। हास्य के कोहिनूर थे,  कलाकार   जगदीप। कलाकार  जगदीप,  सीप था मोती आला। सूरमा     भोपाली,  रोल तो  कर...Read More
तारा दूर चला गया, कोनी रहा समीप। तारा  दूर   चला  गया,  कोनी  रहा  समीप। Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 09, 2020 Rating: 5

ग़ुरूर था अश्कों को भी अपने वजूद का,वो भी गिर गये अब इंसानों के मानिंद..

बदलाव मंच जुलाई 09, 2020
*ग़ुरूर था अश्कों को भी अपने वजूद का, वो भी गिर गये अब इंसानों के मानिंद..* रुसवाई  मिलती है इश्क़ में..  रूह कहाँ सम्भलती है इश्क़ में.. हुईं ...Read More
ग़ुरूर था अश्कों को भी अपने वजूद का,वो भी गिर गये अब इंसानों के मानिंद.. ग़ुरूर था अश्कों को भी अपने वजूद का,वो भी गिर गये अब इंसानों के मानिंद.. Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 09, 2020 Rating: 5

संघर्ष ही तो जिंदगी हैसंघर्ष ही तो बंदगी हैजो पी गया हंसकर के गममहक की उसकी जिंदगी

बदलाव मंच जुलाई 08, 2020
[मंच को नमन मुक्तक- संघर्ष  ही   तो  जिंदगी  है संघर्ष   ही   तो  बंदगी   है जो पी गया हंसकर के गम महक  की  उसकी  जिंदगी -------------------...Read More
संघर्ष ही तो जिंदगी हैसंघर्ष ही तो बंदगी हैजो पी गया हंसकर के गममहक की उसकी जिंदगी संघर्ष  ही   तो  जिंदगी  हैसंघर्ष   ही   तो  बंदगी   हैजो पी गया हंसकर के गममहक  की  उसकी  जिंदगी Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 08, 2020 Rating: 5

तेरी बातों से बात बना कर गज़ल लिख दिया

बदलाव मंच जुलाई 02, 2020
मुक्तक तेरी बातों से बात बना कर गज़ल लिख दिया खिला था फूल कोई और कंवल लिख दिया इसमें दोष तेरा नहीं मेरी फितरत ही ऐसी है दोस्ती में खुली काता...Read More
तेरी बातों से बात बना कर गज़ल लिख दिया तेरी बातों से बात बना कर गज़ल लिख दिया Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 02, 2020 Rating: 5

सेवा त्याग जो रहता सत में

बदलाव मंच जून 29, 2020
मुक्तक   ********************                       1 सेवा त्याग जो रहता  सत में  । विचलित नहीं होता आफत में । सर्व भला  देश  हित में तत्पर ...Read More
सेवा त्याग जो रहता सत में सेवा त्याग जो रहता सत में Reviewed by बदलाव मंच on जून 29, 2020 Rating: 5

बदलाव मंच की बगियन में

बदलाव मंच जून 28, 2020
बदलाव साहित्य मंच विषय- मुक्तक दिनांक-28-06-2020 दिन- रविवार शीर्षक-बदलाव मंच(बम) कल कई विद्वानों ने मुक्तक छंद पर प्रकाश डाला जिससे नवागंतु...Read More
बदलाव मंच की बगियन में बदलाव मंच की बगियन में Reviewed by बदलाव मंच on जून 28, 2020 Rating: 5

याद रखती हूँ सिर्फ, तुम्हारी हर अदाएं(एकता कुमारी)

बदलाव मंच जून 28, 2020
याद रखती हूँ सिर्फ, तुम्हारी हर अदाएं,  हमेशा बख़्श देती, तुम्हारी सभी खताएं। वो इसलिए करती हूं कि मैं हूँ एक नारी, ज़ख्मों को सिलकर पूजती, ...Read More
याद रखती हूँ सिर्फ, तुम्हारी हर अदाएं(एकता कुमारी) याद रखती हूँ सिर्फ, तुम्हारी हर अदाएं(एकता कुमारी) Reviewed by बदलाव मंच on जून 28, 2020 Rating: 5

हिन्द और योग

बदलाव मंच जून 22, 2020
हिन्द और योग।।केवल मुक्तक चार।। अवलोकन करें......                                रोग शोक आधि व्याधि चाहते हो मुक्ति आप, जप तप ध्यान योग रोज ...Read More
हिन्द और योग हिन्द और योग Reviewed by बदलाव मंच on जून 22, 2020 Rating: 5

बेटी मुक्तक

बदलाव मंच जून 22, 2020
बेटी     मुक्तक                 माँ की धड़कन पिता की जान होती है बेटी      वेदना   नही       वरदान    होती है  बेटी      रोशन  करेगा   बेटा ए...Read More
बेटी मुक्तक बेटी मुक्तक Reviewed by बदलाव मंच on जून 22, 2020 Rating: 5

भूपसिंह 'भारती'जी की रचना

बदलाव मंच जून 22, 2020
योगी  करते  योग है,  भोगी  करते  भोग। भोगी  रोग  बढावते,  योग   मेटता   रोग। योग   मेटता   रोग,  योग की विद्या न्यारी। योग दिवस नै आज,  मनाव...Read More
भूपसिंह 'भारती'जी की रचना भूपसिंह 'भारती'जी की रचना Reviewed by बदलाव मंच on जून 22, 2020 Rating: 5

पिता का सहारा नहीं

बदलाव मंच जून 22, 2020
मुक्तक  पिता का सहारा नहीं आज याद उनकी जिंदा है | देकर दुख कुछ पूत्र करते रिस्ते को शर्मिंदा है | जितना दिया सुख पिता भरपाई होगी न कभी | अपन...Read More
पिता का सहारा नहीं पिता का सहारा नहीं Reviewed by बदलाव मंच on जून 22, 2020 Rating: 5

हमको कभी वह डांट सुनाएं

बदलाव मंच जून 21, 2020
हमको कभी वह डांट सुनाएं ऐसी उनकी जज्बात नहीं हम से पहले वह सो जाएं ऐसी कोई रात नहीं उन पर लिखी हर एक रचना फीका लगने लगता है   शब्द उनकी व्यक...Read More
हमको कभी वह डांट सुनाएं हमको कभी वह डांट सुनाएं Reviewed by बदलाव मंच on जून 21, 2020 Rating: 5
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