Results for प्रकाश कुमार मधुबनी के द्वारा शानदार रचना#बदलाव मंच#

आ अब गाँव चल#गजल#

प्रकाश कुमार सितंबर 01, 2020
*गजल* *स्वरचित रचना* आ अब गाँव चल मुझे ये मेरा घर कहता। अभी काम बाकी  है बेबाक शहर कहता। बालपन गुजारा जहां बचपन गुजारी है। जो कभ...Read More
आ अब गाँव चल#गजल# आ अब गाँव चल#गजल# Reviewed by प्रकाश कुमार on सितंबर 01, 2020 Rating: 5

व्यंग #प्रकाश कुमार मधुबनी के द्वारा शानदार रचना#

प्रकाश कुमार अगस्त 29, 2020
बदलाव मंच  29/8/2020 स्वरचित रचना व्यंग करते होठ  ये क्या हुआ है होठो को तुम्हारे। जो देखते बनती है गजब नजारे।। ये मौन है किंतु ...Read More
व्यंग #प्रकाश कुमार मधुबनी के द्वारा शानदार रचना# व्यंग #प्रकाश कुमार मधुबनी के द्वारा शानदार रचना# Reviewed by प्रकाश कुमार on अगस्त 29, 2020 Rating: 5
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