Results for प्रकाश कुमार

धरती आसमान# प्रकाश कुमार,मधुबनी, जी के द्वारा शानदार रचना#

प्रकाश कुमार सितंबर 04, 2020
धरती है स्त्री पुरूष आसमान है। दोनो है साथ तो ही ये जहान है।। भले एक दूजे के महत्व से अंजान  किन्तु दोनों के प्रेम भी तो महान है...Read More
धरती आसमान# प्रकाश कुमार,मधुबनी, जी के द्वारा शानदार रचना# धरती आसमान# प्रकाश कुमार,मधुबनी, जी के द्वारा शानदार रचना# Reviewed by प्रकाश कुमार on सितंबर 04, 2020 Rating: 5

जिद

बदलाव मंच अगस्त 17, 2020
 *दशरथ माँझी एक ज़िद*  आओ मैं तुम एक  काहानी सुनाता हूँ। साधारण में असाधारण  व्यक्तित्व दिखाता हूँ।।   पहाड़ो के बीच गाँव का  रहने वाला नाम दश...Read More
जिद जिद Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 17, 2020 Rating: 5

मैं लौटकर आऊंगा

बदलाव मंच अगस्त 16, 2020
बदलाव मंच मैं लौटकर आऊंगा स्वरचित रचना 16/8/2020 प्रकाश कुमार मधुबनी, बिहार मैं लौटकर आऊँगा। मैं लौटकर आऊँगा। बनाकर तख्त कर्मो के  मैं शान स...Read More
मैं लौटकर आऊंगा मैं लौटकर आऊंगा Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 16, 2020 Rating: 5

पुरखा के जमीन(मैथिली)

बदलाव मंच अगस्त 16, 2020
बदलाव मंच मैथली स्वरचित रचना। पुरखा के जमीन 9/8/2020 अपन हाथ पैर चला क खाइयां रे बौआ। पुरखा के जमीन नै बेचियन रै बौआ।। नही हेतौ फेर स कीनल ई...Read More
पुरखा के जमीन(मैथिली) पुरखा के जमीन(मैथिली) Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 16, 2020 Rating: 5

आओ गिरधर परमानन्द

बदलाव मंच अगस्त 16, 2020
बदलाव मंच स्वरचित रचना 11/8/2020 अब ना तो कोई शोर है  ना कोई सत्य रूपी आनन्द। समय विशेष, निशा शेष है , आओ गिरधर परमानन्द।। भले मटकी को फोड़ द...Read More
आओ गिरधर परमानन्द आओ गिरधर परमानन्द Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 16, 2020 Rating: 5

अलौकिक आनन्द के धाम है कृष्णा

बदलाव मंच अगस्त 16, 2020
बदलाव मंच 11/8/2020 स्वरचित रचना  *अलौकिक आनन्द के धाम है कृष्णा।*  मेरे गिरधर फिर से तेरी बासुरी  की तान सुनने को जी चाहता है। तेरे मुरली क...Read More
अलौकिक आनन्द के धाम है कृष्णा अलौकिक आनन्द के धाम है कृष्णा Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 16, 2020 Rating: 5

आजादी

बदलाव मंच अगस्त 15, 2020
ना कमी आने दी  ना नमी आने दी। देश के वीर थे वो ना जमीं जाने दी।। वो तो विजय के  लहर थे मौजी थे। माँ भारती के लाल। दिल से फौजी थे।। चाहा बहुत...Read More
आजादी आजादी Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 15, 2020 Rating: 5

भारत को आजाद कराये।

बदलाव मंच अगस्त 11, 2020
बदलाव मंच 11/8/2020 स्वरचित कविता। भारत को आजाद कराये। आओ ना मिलकर आजाद कराये। फिरसे भारत को आजाद कराये।। क्यों ना हम सभ भी मिलजुल कर। फिरसे...Read More
भारत को आजाद कराये। भारत को आजाद कराये। Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 11, 2020 Rating: 5
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