Results for दोहा

वादों की बरसात से दरिया है भरपूर।।लेकिन हम प्यासे खड़े,साहिल पर मजबूर।।

बदलाव मंच अगस्त 09, 2020
कुछ दोहे,,  होंठों पर ताले लगे पैरों में ज़ंजीर।। उसपर भी हम ढो रहे,पर्वत जैसी पीर।। वादों की बरसात से दरिया है भरपूर।। लेकिन हम...Read More
वादों की बरसात से दरिया है भरपूर।।लेकिन हम प्यासे खड़े,साहिल पर मजबूर।। वादों की बरसात से दरिया है भरपूर।।लेकिन हम प्यासे खड़े,साहिल पर मजबूर।। Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 09, 2020 Rating: 5

नारी है नारायणी

बदलाव मंच अगस्त 06, 2020
🌾दोहे 🌾             ***********           नारी  है  नारायणी               भाग - 03             ********** दो कुलों कीऔरत ही रख...Read More
नारी है नारायणी नारी है नारायणी Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 06, 2020 Rating: 5

नारी है नारायणी

बदलाव मंच अगस्त 05, 2020
🌾नारी है नारायणी 🌾 *************************         दोहे   भाग -02     ============== त्याग  समर्पण  व श्रध्दा ,ममता प्यार दु...Read More
नारी है नारायणी नारी है नारायणी Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 05, 2020 Rating: 5

नारी है नारायणी

बदलाव मंच अगस्त 04, 2020
🌾नारी है नारायणी 🌾 *************************                  दोहे  भाग-01            ============= नारी  की  महिमा  बडी़ ,मनु...Read More
नारी है नारायणी नारी है नारायणी Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 04, 2020 Rating: 5

अंधेरों पर टेसू खिले, महुआ महके नैन।।देह हुई कामायनी,ये फागुन की दैन।।

बदलाव मंच जुलाई 30, 2020
अंधेरों  पर टेसू खिले, महुआ महके नैन।। देह हुई कामायनी,ये फागुन की दैन।। नेह,, तुलसी सा‌ इस दौर में,बतलाओ है कौन।। पूछा सबसे नेह...Read More
अंधेरों पर टेसू खिले, महुआ महके नैन।।देह हुई कामायनी,ये फागुन की दैन।। अंधेरों  पर टेसू खिले, महुआ महके नैन।।देह हुई कामायनी,ये फागुन की दैन।। Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 30, 2020 Rating: 5

माँ

बदलाव मंच जुलाई 27, 2020
मां पर दोहे,,,,, बृंदावन राय सरल सागर एमपी मोबाइल नंबर 786 92 18 525 मां चंदा की चांदनी, मां सूरज की धूप।। वक्त पड़े ज्वालामुखी ...Read More
माँ माँ Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 27, 2020 Rating: 5

राम जी के नाव में बैठ चल दो उस पार।उनके अलावा कोई नही जो उतारेभव से पार।।

बदलाव मंच जुलाई 26, 2020
राम जी के नाव में बैठ चल दो उस पार। उनके अलावा कोई नही जो उतारे भव से पार।। राम नाम के माला को, नित दिन बन्दे फेर।।  अबतक आधा जी...Read More
राम जी के नाव में बैठ चल दो उस पार।उनके अलावा कोई नही जो उतारेभव से पार।। राम जी के नाव में बैठ चल दो उस पार।उनके अलावा कोई नही जो उतारेभव से पार।। Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 26, 2020 Rating: 5

नारी

बदलाव मंच जुलाई 25, 2020
दोहे,,, नारी,,, नारी मां दादी बहिन, बेटी बुआ स्वरूप।। चाची मामी भार्या,इसके ही सब रूप।। मिट्टी,,, विपदा बस जब कृषक ने,बेचा अपना ...Read More
नारी नारी Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 25, 2020 Rating: 5

नारी मां दादी बहिन, बेटी बुआ स्वरूप।।

बदलाव मंच जुलाई 23, 2020
दोहे,,,22/7/2020 नारी,,, नारी मां दादी बहिन, बेटी बुआ स्वरूप।। चाची मामी भार्या,इसके ही सब रूप।। मिट्टी,,, विपदा बस जब कृषक ने,ब...Read More
नारी मां दादी बहिन, बेटी बुआ स्वरूप।। नारी मां दादी बहिन, बेटी बुआ स्वरूप।। Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 23, 2020 Rating: 5

समसामयिक दोहे,,,

बदलाव मंच जुलाई 17, 2020
समसामयिक दोहे,,, इच्छाएं घर से चलीं, कर सोलह श्रृंगार।। लौटी हैं बेआबरू ,हो घायल हर बार।। विपदा बस जब कृषक ने, बेचा अपना खेत।। म...Read More
समसामयिक दोहे,,, समसामयिक दोहे,,, Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 17, 2020 Rating: 5

सामन दोहे

बदलाव मंच जुलाई 09, 2020
🌹🌹🌹सामन के दोहे 🌹🌹🌹 लगतइ सामन हउकिगा , किहिस दउगरा जोर  l सूपा भरि उलदिस नगद, पानी भा चहुँओर  ll नई मेड़ भसकइ लगी, गईं पुरनिए फूट  l म...Read More
सामन दोहे सामन दोहे Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 09, 2020 Rating: 5

दोहा

बदलाव मंच जुलाई 08, 2020
नमन बदलाव साहित्य मंच  दिनांक -08/07/2020 विषय - प्रेम  विधा -दोहे  *******************                  दोहे प्रेमी पागल प्रेम में ,जैसे जल...Read More
दोहा दोहा Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 08, 2020 Rating: 5

झूठ कपट छल से सजी,जोचलता है राह।।पग पग उसकी जिंदगी, करे उसे गुमराह।

बदलाव मंच जुलाई 08, 2020
दोहे,,,,8/7/2020 छल झूठ कपट छल से सजी,जो चलता है राह।। पग पग उसकी जिंदगी, करे उसे  गुमराह।। फूल,,, बेटी तो मां बाप को,होती फूल समान।। खुशबू ...Read More
झूठ कपट छल से सजी,जोचलता है राह।।पग पग उसकी जिंदगी, करे उसे गुमराह। झूठ कपट छल से सजी,जोचलता है राह।।पग पग उसकी जिंदगी, करे उसे  गुमराह। Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 08, 2020 Rating: 5

आंधी से अनुबंध कर ,चुप हैं पीपल आम।। पौधों को सहना पड़े, इस छल के परिणाम।।

बदलाव मंच जुलाई 06, 2020
  दोहे,,,, आंधी से अनुबंध कर ,चुप हैं पीपल आम।। पौधों को सहना पड़े, इस छल के परिणाम।। रस्ता है कांटो भरा ,हम हैं नंगे पांव।। आंखों पर पट्टी ...Read More
आंधी से अनुबंध कर ,चुप हैं पीपल आम।। पौधों को सहना पड़े, इस छल के परिणाम।। आंधी से अनुबंध कर ,चुप हैं पीपल आम।। पौधों को सहना पड़े, इस छल के परिणाम।। Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 06, 2020 Rating: 5
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