Results for गज़ल

सत्य ,धर्म ,करुणा व श्रध्दामय भी होना चाहिये।

बदलाव मंच अगस्त 10, 2020
🌾गजल 🌾 ************************ सत्य ,धर्म ,करुणा व श्रध्दामय भी होना चाहिये। आदमी में शर्मो-हया  का भय भी होना चाहिये।। सोचे ...Read More
सत्य ,धर्म ,करुणा व श्रध्दामय भी होना चाहिये। सत्य ,धर्म ,करुणा व श्रध्दामय भी होना चाहिये। Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 10, 2020 Rating: 5

तीर अपनों पर चलाया आपने।।अपने पन को क्या लजाया आपने।।

बदलाव मंच अगस्त 09, 2020
तीर अपनों पर चलाया आपने।। अपने पन को क्या लजाया आपने।। कारवां भटका था मंजिल के करीब ऐसी राहों पर चलाया आपने।। अपनी सूरत और की लगने लगी आईना ...Read More
तीर अपनों पर चलाया आपने।।अपने पन को क्या लजाया आपने।। तीर अपनों पर चलाया आपने।।अपने पन को क्या लजाया आपने।। Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 09, 2020 Rating: 5

सुर्ख़ियों में है ख़बर अख़बार की

बदलाव मंच अगस्त 09, 2020
सुर्ख़ियों में है ख़बर अख़बार की।। ज़िन्दगी है नोक पर तलवार की।। ढेर पर बारूद के हम हैं खड़े, आज हालत हो गई संसार की।। है कहीं प...Read More
सुर्ख़ियों में है ख़बर अख़बार की सुर्ख़ियों में है ख़बर अख़बार की Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 09, 2020 Rating: 5

नज़्म

बदलाव मंच अगस्त 09, 2020
 नज्म दिल्लगी में दिल का लगाना खराब है। वैसे भी आजकल जमाना खराब है।। तोड़ देते हैं लोग खुद शाख से पत्ते। फिर कहते यह हैं कि तना ख...Read More
नज़्म नज़्म Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 09, 2020 Rating: 5

प्रेम से राम नाम रस सब पीजीये

बदलाव मंच अगस्त 04, 2020
प्रेम से राम नाम रस सब पीजीये , राम मन्दिरकी रक्षा सभी कीजीये। परम आत्मा है राम आर्यावर्त की, है धर्मग्रन्थरामायण अमल कीजीये। रा...Read More
प्रेम से राम नाम रस सब पीजीये प्रेम से राम नाम रस सब पीजीये Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 04, 2020 Rating: 5

थामा है दामन तो साथ निभाएंगे,

बदलाव मंच जुलाई 29, 2020
थामा है दामन तो साथ निभाएंगे,  ऐसे वैसौं को हम सबक सिखाएंगे,  संस्कार हममें कूट कूट कर भरे हैं,  हमपर उठने वाली उंगली को तोड़कर दिखाएंगे,  ह...Read More
थामा है दामन तो साथ निभाएंगे, थामा है दामन तो साथ निभाएंगे, Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 29, 2020 Rating: 5

शोषण अलाव आज भी जलते हैं गांव में।।

बदलाव मंच जुलाई 25, 2020
ग़ज़ल,,,, शोषण अलाव आज भी जलते हैं गांव में।। मजदूर मोम जैसे पिघलते हैं गांव में।। बूढों को कभी वक्त पर मिलती नहीं दवा, बच्चों के पेट भूख से...Read More
शोषण अलाव आज भी जलते हैं गांव में।। शोषण अलाव आज भी जलते हैं गांव में।। Reviewed by बदलाव मंच on जुलाई 25, 2020 Rating: 5
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