Results for आलेख

स्वतंत्रता दिवस भाषण

बदलाव मंच अगस्त 09, 2020
बदलाव मंच 2/8/2020 साप्ताहिक गद्य व पद्य मिश्रित  स्वतंत्रता दिवस भाषण प्रतियोगिता। नमस्कार देवीयों सज्जनों व माताओं बहनों व मेर...Read More
स्वतंत्रता दिवस भाषण   स्वतंत्रता दिवस भाषण Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 09, 2020 Rating: 5

सुषमा स्वराज

बदलाव मंच अगस्त 07, 2020
मांग में सिंदूर, माथे पर बिंदी,  भारतीय संस्कृति की वो मिशाल थी।  साड़ी सर्वत्र, उच्च विचार, मंद मुस्कान,  भारतीय राजनीति की वो ...Read More
सुषमा स्वराज सुषमा स्वराज Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 07, 2020 Rating: 5

मैथिली शरण गुप्त (अशोक शर्मा वशिष्ठ)

बदलाव मंच अगस्त 03, 2020
आज राष्ट्रकवि श्री मैथिली शरण गुप्त जी का जन्मदिन है उनको काव्यमयी श्रृद्धांजलि प्रस्तुत कर रहा हूँ             मैथिली शरण गुप्त...Read More
मैथिली शरण गुप्त (अशोक शर्मा वशिष्ठ) मैथिली शरण गुप्त (अशोक शर्मा वशिष्ठ) Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 03, 2020 Rating: 5

आज़ादी : "तिलक गौखले ने जन जन में स्वत्व जगाया था।" "राष्ट्र भक्ति का घर-घर में दिव्य दीप जलाया था।।"

बदलाव मंच अगस्त 03, 2020
*बदलाव मंच द्वारा आयोजित काव्य मिश्रित भाषण प्रस्तुति*         *गद्य* 15 अगस्त 1947 के दिन का नाम लेते ही हृदय में उत्साह उमंग की भावना उत्प...Read More
आज़ादी : "तिलक गौखले ने जन जन में स्वत्व जगाया था।" "राष्ट्र भक्ति का घर-घर में दिव्य दीप जलाया था।।" आज़ादी : "तिलक गौखले ने जन जन में स्वत्व जगाया था।" "राष्ट्र भक्ति का घर-घर में दिव्य दीप जलाया था।।" Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 03, 2020 Rating: 5

कैसे हुई प्रेरणा, कैसे हुआ क्रांति का गान...

बदलाव मंच अगस्त 03, 2020
बदलाव  मंच स्वतंत्रता दिवस पर भाषण, काव्य गद्य मिश्रित आयोजित प्रतियोगिता  दिनांक- 03/08/2020 कैसे हुई प्रेरणा, कैसे हुआ क्रांति का गान,* कै...Read More
कैसे हुई प्रेरणा, कैसे हुआ क्रांति का गान... कैसे हुई प्रेरणा, कैसे हुआ क्रांति का गान... Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 03, 2020 Rating: 5

कब सुधरेगा अपने वतन का हाल।

बदलाव मंच अगस्त 03, 2020
वर्षों बीत गये यारों ,मिली हुई आजादी को,  फिर भी रोक न पाए उपवन की बरबादी को। महँगा हुआ राशन पानी,और दुर्लभ हुई दवाई,  क्या इसीलिए वीरों ने ...Read More
कब सुधरेगा अपने वतन का हाल। कब सुधरेगा अपने वतन का हाल। Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 03, 2020 Rating: 5

होलियां खून की खेलीं‌, गोलियां सीने पे खाईं हैं। इस अनमोल दौलत की बड़ी कीमत चुकाई है।

बदलाव मंच अगस्त 03, 2020
बदलाव मंच साप्ताहिक प्रतियोगिता विषय- 'स्वतन्त्रता दिवस' पर काव्य गद्य मिश्रित भाषण प्रतियोगिता शीर्षक - भाषण नाम  - डाॅ. अनीता तिवा...Read More
होलियां खून की खेलीं‌, गोलियां सीने पे खाईं हैं। इस अनमोल दौलत की बड़ी कीमत चुकाई है। होलियां खून की खेलीं‌, गोलियां सीने पे खाईं हैं। इस अनमोल दौलत की बड़ी कीमत चुकाई है। Reviewed by बदलाव मंच on अगस्त 03, 2020 Rating: 5
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