शनिवार, 3 अप्रैल 2021

मधु अरोड़ा जी द्वारा अद्वितीय रचना#मुस्कुराहट#

मुस्कुराहट
जिंदगी को यूंही तौलेते रहिए 
कभी मुस्कुराहट कभी खिलखिलाहट के रंग घौलते रहिये
किसी के चेहरे पर हंसी लाने की कोशिश कीजिए जनाब थोड़ी हंसी थोड़ी खुशी बिखेरते रहिये है 
तुम्हारा जीवन खुद खुशी से भर जाएगा 
गुलाल अबीर रंगों के साथ मन का मेल धो डालिए 
होली है दुखों के दुख दूर कीजिए जनाब
 किसी एक चेहरे पर हंसी ला दीजिए जनाब
  द्वेष ,हिंसा ,क्रोध ,लालच की आहुति दीजिए 
  भाईचारा प्रेम प्यार की बातें कीजिए 
  चंदन सा जीवन खुशी से महक जाएगा 
  होली है कुछ तो नया कर जाइए 
"होली सो होली
बीती बातें भूल जाइए
नवजीवन का खुशी से संचार कीजिए
 दुश्मन को भी मीत बना लीजिए
  गिले-शिकवे सारे धो डालिए 
  प्यार के मीठे बोलो से जिंदगी संवारिये।।"
                              दिल की कलम से
                              मधु अरोड़ा
                              27.3.2021

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें