गुरुवार, 14 जनवरी 2021

हीरल कवलानी जी द्वारा अद्वितीय रचना#नया साल नया संकल्प#

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय *बदलाव मंच*
 साप्ताहिक प्रतियोगिता 
विषय  नया साल नया संकल्प 2021
दिनांक.  29.12. 2020
विधा कविता

*नया साल नया संकल्प 2021*

विसारो सारे जीवन संघर्ष 
लाया सौगातें ये नूतन वर्ष 
अतीत की ना लीजे सुध
भविष्य में है अपार हर्ष।

स्वीकारो प्रकृति खेल सहर्ष
मंगल की बेला प्रति वर्ष
आशावादी अनवरत रहो
बिम्ब सुनहरा उज्जवल दर्श।

जन-जन का यही संदर्श
नैतिकता से बने आदर्श
मॉं भारती का आदर करें
प्रेम प्रसारण परमोत्कर्ष।

है मंगल कामना उत्कर्ष
नवचेतना संचार आकर्ष
साथ कदम बढ़ाते चलें
जीवन का यही निष्कर्ष।

स्वरचित व मौलिक
हीरल कवलानी
नोएडा

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