रविवार, 17 जनवरी 2021

मधु भूतड़ा जी द्वारा अद्वितीय रचना#नया साल नए संकल्प#

*नमन राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बदलाव मंच* 

*साप्ताहिक काव्य /काव्य गद्य प्रतियोगिता* 

*अवधि - 29 दिसंबर 2020 से 5 जनवरी तक* 

*दिनाँक - 31.12.2020*

*विषय - नया साल नए संकल्प 2021*

*विधा - कविता गीत* 

2021 का नया साल आया रे
नव खुशियां नव ऊर्जा का 
संचार लाया रे

बीत रहा ये साल इसने 
खूब रुलाया रे
अपनों से भी दूर किया
बड़ा छलाया रे

उम्मीद के दामन में 
कई खुशियां होती है
आसमाँ छूने की दिल में 
चाहत होती है
उड़ रही पतंगे
प्रेम की डोर लाया रे 
नव खुशियां नव ऊर्जा का 
संचार लाया रे 

ढ़ोल नगाड़े बाजे संग 
सब झूमते जाते हैं 
साज उठाकर नग्मे 
सब दिल से गाते हैं 
उठ रही तरंगें 
नया गीत सुनाया रे
नव खुशियां नव ऊर्जा का 
संचार लाया रे 

दीप जले आँगन में 
जग का उजियारा हो 
कोरोना महामारी का 
अब तो निपटारा हो
सबल निरोगी काया 
आनंद मनाया रे 
नव खुशियां नव ऊर्जा का 
संचार लाया रे 

महफ़िल में सजे रौनक 
बिखरे प्यार के मोती 
खुशबु से घर महके 
ये जीवन की ज्योति 
प्रेम की थपकी से 
अरमान सजाया रे 
नव खुशियां नव ऊर्जा का
संचार लाया रे

2021 का नया साल आया रे
नव खुशियां नव ऊर्जा का 
संचार लाया रे

बीत रहा ये साल इसने 
खूब रुलाया रे
अपनों से भी दूर किया
बड़ा छलाया रे। 

मौलिक एवं स्वरचित रचना

*मधु भूतड़ा* 
*गुलाबी नगरी जयपुर से* 

#ekpehalbymadhubhutra

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