शुक्रवार, 1 जनवरी 2021

योगिता चौरसिया जी द्वारा अद्वितीय रचना#बदलाव मंच#

राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय बदलाव मंच
साप्ताहिक प्रतियोगिता
दिनांक-23/12/2020
विषय-शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता
विधा-
     भारत आत्मनिर्भर देश बन रहा हैं और बनेगा।
  शिक्षा के पंख लगायें आसमां को छू रहा हैं।
     सोने की चिड़िया कहलाने वाला हमारा देश कई वर्षों से आत्मनिर्भर ही था।बड़े-बड़े गुरुकुल शिक्षा के क्षेत्र में
विकास की ओर अग्रसर थे।अंग्रेजों की गुलामी का हमारी शिक्षा नीति में बहुत बड़ा हाथ था।जब भी शिक्षा की बात आती लारड मेकाले का नाम आता ।अंग्रेजी की गुलामी वाली शिक्षा नीति में परिवर्तन कर हमारी नई शिक्षा नीति ने विदेशी भाषा की जंजीरों को तोड़ देश को विकास की ओर ले जाने वाली हैं।जिससें देश के उन्नति संस्कृति मजबूत होगीं।
    हमारे आधुनिक शिक्षा जगत के मनीषियों  डॉ.राधाकृष्णन,सी राजगोपालाचारी,गांधी जी या दीनदयाल जैसे लोगों ने क्या सोचा नहीं बताया गया।
शिक्षा के भारतीयकरण से औपनिवेशिक प्रभाव से मुक्ति मिलेगी और भारतीयता के प्रति विघार्थियों में प्रेम उत्पन्न होगा।
   हमारी शिक्षा का स्तर उच्च हो रहा हैं।शिक्षा का विकास से देश का विकास होना स्वाभाविक हैं।नयें नये आयाम स्थापित कर रहा है।पूरा विश्व हमारे वेद उपनिषद पढ़कर ज्ञान हासिल करते और आश्चर्य चकित हैं।
हमारा देश आत्मनिर्भर कहलाता हैं विकास की ओर बढ़ते हुये विश्व गुरु बन जायेगा।
स्वरचित..
योगिता चौरसिया
मंडला म.प्र.

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