रविवार, 17 जनवरी 2021

राजेश तिवारी 'मक्खन' जी द्वारा अद्वितीय रचना#बदलाव मंच#

( नव वर्षके लिए हार्दिक मंगल कामना )
न हो अब अपकर्ष कदाचित ,नित नूतन हो उत्कर्ष आपका ।
मेरी  शुभकामनाऐं स्वीकारों, ये मंगलमय नव वर्ष आपका ।।

सहचर सत सहयोग आपका,सदगुण और ऐश्वर्य आपका ।
हो हर क्षण उत्सव आंगन में, ये बने धरा ही स्वर्ग आपका ।
फैले सुयश पताका तुम्हरी,हो शुभ जीवन  आदर्श आपका ।

सत्य व्रती भव शुभदृष्टा हो, सब देखें सुने ही भद्र  सर्वदा ।
मिलकर सब सत्पथ गामी हो, सबका हो सहयोग सर्वदा ।
सुख सुमनों सम रहे महकते, दम दान दया देवत्व आपका ।

परहित बस सबके मन में हो, सब सेवा शुभ कर्म आपका ।
बिना स्वार्थ सबका हित करना ,सर्वोदय हो धर्म आपका ।
पाये सब अपनत्व हमेशा, हिय अनन्त सा बने आपका ।।

निर्मल मन हो सत्कर्मों हित ,ये प्रेरणाप्रद कृतित्व आपका ।
करोअनुसरन श्रेष्ठ जनों का , वन्दित हो व्यक्ति त्व आपका ।
बना रहे अस्तित्व सदा ही ,सब याद करें इतिहास आपका ।।

तेजपुंज तपस्वी दयामय, हे शिक्षक तुम हो राष्ट्र निर्माता ।
नूतन पीढ़ी सुसंस्कारित कर, बनो राष्ट्र के भाग्य विधाता ।
कठिन साधना सार्थक होगी, प्राप्त सिद्ध हो साध्य आपका ।।

जो सोये है उन्हें जगाओ ,दुखी व्यथित को तुम्हें हसाना ।
अटके भूले भटके सबको,सुन्दर सत पथ तुरन्त  चलाना ।
जन्म सार्थक तब ही होगा, बने सार्थक शुभ कर्म आपका ।।

करते रहो प्रयास हमेशा, कहो कैसे गौरव बढे राष्ट्र का ।
जागृत करना राष्ट्र भावना, भाल समुन्नत करो राष्ट्र का ।
विश्ववन्द गौरव भारत हो, सतत सुचालित कर्म आपका ।।

ज्ञानप्रदीप प्रज्जवलित करके, अज्ञानतिमिर ये दूर भगाओ ।
ब्रह्म ज्ञान पाओ अरु बाटो,  दिव्य ज्ञान सबको समझाओ ।
तुम गुरूकुल के गौरव वंशज, हो सर्वोपरि दायित्व आपका ।।

जागृत करो सोई मानवता, सर्वत्र पराजित हो  दानवता ।
भेद भाव जब  हिय से हटते, तब ही सबको दिखे एकता ।
शंखनाद कर महा क्रांति का ,विश्व शांति हो लक्ष्य आपका ।।

मेरी यह रचना मौलिक व स्वरचित है 

राजेश तिवारी 'मक्खन'
झांसी उ. प्र.

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