मंगलवार, 26 जनवरी 2021

विष्णु चारग अलीगढ़,जी द्वारा अद्वितीय रचना#2020 की अच्छी यादें#

*राष्ट्रीय एवं अंतरास्ट्रीय बदलाव मंच साप्ताहिक काव्य/गद्य प्रतियोगिता हेतु*
*विषय  :- 2020 अच्छी यादें*
*विधा  :-  संस्मरण*
*05-01-2021*   *मंगलवार*
कहते हैं कि अगर कुछ बुरा होता हुआ प्रतीत होता है तो उसमें कुछ न कुछ अच्छा जरूर होता है और यही हुआ इस 2020 में मेरे साथ में। 
यूं तो वर्ष 2020 सदैव Covid19 महामारी के फैलने और उससे व्याप्त भय के रूप में याद किया जाएगा लेकिन मुझे यह वर्ष कुछ खुशुनुमा यादों और जीवन के लक्ष्यों की ओर मेरे बढ़ते कदम एवं उनके लिए प्राप्त उपलब्धियों के रूप में भी सदैव स्मरण रहेगा।
इस वर्ष में शिक्षा के क्षेत्र में मेरी की हुई मेहनत का मिला फल मुझे निरन्तर अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा। इसी वर्ष मुझे साहित्य जैसे सुमधुर विशाल वृक्ष के नीचे आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

पिछले कुछ महीनों में मैंने अपने परिवार को जिस तरह से एकजुट देखा व प्रत्येक कार्य को करने के लिए एक दूसरे की सहायता करते हुए देखा वह अपने आप में अद्वितीय था। तथा विषम परिस्थितियों में भी उनसे जूझकर उनका सामना करने की कला इस वर्ष से बेहतर कोई नहीं सिखा सकता था।
अतः मैं कह सकता हूँ कि इस गुजरे हुए वर्ष में सिर्फ दोष ही नहीं थे बल्कि बहुत सारे गुण भी थे जो कि मुझे सदैव ही स्मरण रहेंगे और निरन्तर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

*विष्णु चारग अलीगढ़, उत्तर प्रदेश*

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