रविवार, 17 जनवरी 2021

अनन्तराम चौबे अनन्त जी द्वारा अद्वितीय रचना# वर्ष2020 का आखरी दिन#

       वर्ष 2020 का आखरी दिन  

वर्ष 2020 का आखिरी दिन है
खुशी और गम का रहा है साया ।
समय  को जाते समय न लगता
समय का काम समय पर होता ।

सुख दुख जीवन के हिस्से है
बस समय पर आते जाते है 
जीवन में सब सहना पड़ता
कोई ,लड़ता कोई झगड़ता ।

समय के साथ जो चल न पाया
जीवन भर फिर वो पछताया
समय का चक्र हमेशा चलता
भेद भाव न किसी से करता ।

समय की लीला अजब निराली
धूप छांव सी आती रहती है ।
अच्छा जिसके साथ हुआ
उसके घर में खुशियां होती है ।

साल बीत गया वर्ष 2020
आखिरी दिन इसका आया।
कोरोना बीमारी ने बहुत सताया
सबको लाक डाउन में बंद कराया ।
कल क्या होगा किसने देखा
नया साल जब आयेगा ।
इन्तजार है नये साल का
खुशियाँ लेकर जब आयेगा 

वर्ष 2020 की करे विदाई
सबके मन को जो है भाई ।
नया साल जो अब आयेगा
करते सब मिलकर अगुआई ।

  अनन्तराम चौबे अनन्त
  जबलपुर म प्र /2747/
      31/12/2020
      9770499027

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