गुरुवार, 3 दिसंबर 2020

रंजना बिनानी जी द्वारा अद्वितीय रचना#

#नमन मंच --#बदलाव राष्ट्रीय /अंतरराष्ट्रीय
#साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु
#दिनांक--1/12/2020
#वार-मंगलवार
#विषय --किसान
#विधा -कविता
               #किसान#

 किसान भाई होते हैं ,बड़े महान,
 भारत भूमि को ,देते वो जान।
 लहलहाती फसलों को ,जो है उगाते,
 भारत भूमि को, शस्य श्यामला बनाते।
 अपनी मेहनत से जो, अन्न है उगाते,
 हम सब देशवासियों की ,भुख को मिटाते ।

 दिन रात  धूप में ,खुद को है तपाते,
 हंसते मुस्कुराते ,खेतों में दिन बिताते।
खुद भूखे रहकर ,हमारी भुख को मिटाते,
हरदम फसल की ,देखभाल में जीवन बिताते।
फिर भी अपनी फसल का, पूरा मोल नहीं पाते,
कर्ज में डूबे रहकर ,भी है मुस्कुराते....।

 इनकी मेहनत का ,कोई मोल नहीं है,
किसान भाई देश के लिए ,अनमोल होते हैं।
हमारे किसान भाई के दर्द को, कोई क्यों नहीं समझ पाते,
शत शत नमन ,हम इनको हैं करते।
 जय जवान..... जय किसान..।।


स्वरचित
रंजना बिनानी
गोलाघाट असम

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