शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020

कविता पंत जी द्वारा अद्वितीय रचना#

बदलाव मंच को नमन
सभी विशेष दिवस याद रखने व याद दिलाने के लिए साधुवाद
दिनांक-26/11/2020
विषय-सविधान दिवस
विधा- कविता

सुनने में बड़ा अच्छा लगता है कि आज संविधान दिवस हैl

 यह दिन ही हमें याद दिलाता है कि 
 भारत का भी महान अस्तित्व हैl

 लेकिन कभी-कभी मेरे दिल में आता है यह ख्याल,
 कि क्यों है देश का हाल बेहाल ?

 जनता का जनता के लिए जनता द्वारा शासन,
 फिर मूक क्यों हो जाता है आवश्यकता पर प्रशासन????

 किसी ना किसी की तो गलती है,
 किसी ना किसी का तो दोष है....

जो भी हो पिसता आम आदमी सदा,
पर होता वह सच्चा व निर्दोष है।

क्यों न संविधान की प्रस्तावना में मन ही मन कुछ फेरबदल कर ले...
पूंजी का समान बंटवारा व गरीब को भी इंसान ही समझ ले.....

दिल से न लगा लेना मित्रो यह मात्र मेरी लेखनी व मेरे विचार हैं

संविधान है मेरा महान ,
यह हर भरतीय का मान है ।

यह देश का अभिमान है,
आर्यवर्त की आत्मा  सम है।

मेरा भी मत जान लो मुझे भी यह आत्मार्पित व मन  से स्वीकार्य है।

धन्यवाद
कविता पंत
अहमदाबाद
गुजरात

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