बुधवार, 23 दिसंबर 2020

बृंदावन राय सरल सागर जी द्वारा अद्वितीय रचना#

कविता,,,आत्म निर्भर भारत की उड़ान।।
8/12/2020

आत्म निर्भर भारत की उड़ान।
आसमान छुऐगा हिंदुस्तान।।

असमंजस में है संसार।
क्या है इसका आधार।

कारण है शिक्षा का उत्थान।।
आसमान छुऐगा हिंदुस्तान।।

भारत के विद्वान हैं कर्मठ।।
 श्रेष्ठ काम  के हैं यहां पर मठ।।

हजारों हैं आधुनिक शिक्षा के संस्थान।।
देखना आसमान छुऐगा हिंदुस्तान।।

दुनिया में सब जगह भारतीय
डाक्टर।।

जिनके इलाज ‌का जग में है असर।।
भारत की फौज है दुनिया में 
महान।
आसमान छुऐगा एकदिन हिंदुस्तान।।

भारत के मिसाइल मेंन अब्दुल
कलाम।
दुनिया जिनके ज्ञान को करे सलाम।।
भारत के डाक्टर, इंजीनियर,और सफल विद्वान।।

आसमान छुऐगा एकदिन हिंदुस्तान।।

बृंदावन राय सरल सागर एमपी

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