सोमवार, 28 दिसंबर 2020

शशिलता पाण्डेय जी द्वारा अद्वितीय रचना#आत्मनिर्भर भारत की उड़ान#

नमन बदलाव मंच
राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मंच
साप्ताहिक प्रतियोगिता
दिवस:-सोमवार
दिनांक:-21/12/2020
विधा:-काव्य
बिषय:-आत्मनिर्भर भारत की उड़ान
विज्ञान और तकनीक का योगदान
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आत्म निर्भर भारत की उड़ान
विज्ञान और तकनीक का योगदान 
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अपना भारत आत्मनिर्भर और महान,
जहाँ मिलती थी कभी सोने की खान।
जहाँ आत्म निर्भरता और आत्मसम्मान,
वहाँ नही कभी होगा कोई देश गुलाम।
भारत अपनाए अपना स्वनिर्मित समान,
नहीं हम बने विदेशी समानों के गुलाम।
वर्षो तक झेला  गुलामी अत्याचार,
जब हम दूसरों के मोहताज नही है।
हम अपने को आजाद कहेंगे,
हम अपना रहें अब स्वरोजगार ।
चाहे ऊनी, सूती वस्त्रों का हो व्यापार,
भारत मे निर्मित स्वनिर्मित कृषि औजार।
उन्नत खेती से अब होंगे उन्नत बीज,
देश मे बढेगा अपना अन्नभंडार।
नही होंगे आयात और निर्यात,
हमारा भारत नही करेगा विदेशों से व्यापार।
उत्तम कपास की हो रही खेती,
विस्तृत होगा सूती हस्तकरधा वस्त्र बाजार।
अपने देश के में है शिक्षित कृषक,
अपना देश भारत  होगा आत्मनिर्भर।
अपने देश मे भी अब अच्छे कृषि वैज्ञानिक,
भारत की आत्मनिर्भरता का आधार।
अपनी कला और शिल्प भी विस्तृत,
अपना लघु-उद्धोग और स्वरोजगार।
भारत की आत्मनिर्भता में वरदान विज्ञान,
डिजिटल इंडिया बंनाने की ओर भरता उड़ान।
हुआ सेटलाइट स्थापित यात्रा में शामिल चंद्रयान,
आधुनिकता में शामिल लेपटॉप और मोबाइल।
कोरोना काल मे शिक्षा मिलती ऑनलाइन,
चाहे करनी कोरोना वैक्सीन के लिए शोध।
लाइलाज रोगों औषधि के खोज में गति निर्बाध,
कृषि के क्षेत्र में आधुनिक मशीनों का निर्माण।
रेगिस्तान में फसल उगाने और पेयजल का अभियान,
रक्षा के क्षेत्र में नई-नई मिसाइलों का निर्माण।
देकर विज्ञान ने अपना अभूतपूर्व योगदान,
भारत को बनाया आत्मनिर्भर और महान।
विज्ञान की शक्ति करे हमारे देश को विकसित,
वाशिंग मशीन रेफ्रिजरेटर,मिक्सी आधुनिक समान।
कामकाजी गृहणियों के समय की बचत,
भारत हर क्षेत्र में विकास की ओर अग्रसर।
विज्ञान के द्वारा आत्मनिर्भरता का बना अग्रदूत,
विज्ञान नए-नए तकनीक की खोज में लगा निरंतर।
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स्वरचित और मौलिक
सर्वधिकार सुरक्षित
कवयित्री:-शशिलता पाण्डेय
बलिया (उत्तर प्रदेश)

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