बुधवार, 4 नवंबर 2020

स्मिता पाल (साईं स्मिता) जी द्वारा#बदलाव मंच#

*मांँ शारदे को नमन, बदलाव मंच को नमन।*
*सादर समीक्षार्थ*


   *शीर्षक: जीवन राह*
      *विद्या: हाइकु*


कहीं फूल है
कहीं कंटीले रास्ते
जीवन राहें।

यहां मिलते
दोराहे हमेशा ही
सही गलत।

चुनाव तेरा
किस राह चलना
क्या है मंजिल।

सत्य राह में
संघर्ष है कठीन
निश्चित लक्ष्य।

गलत राह
चमकदार है बड़ा
खुद को खोना।

चुन वो राह
दुनिया रखें याद
सिद्धांतों वाला।


*स्मिता पाल (साईं स्मिता), झारखंड*

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें