शुक्रवार, 6 नवंबर 2020

कवयित्री कलावती करवा द्वारा 'करवा चौथ' विषय पर रचना

जय माँ शारदे 
सम्मानीय मंच सादर नमन 

विषय-करवा चौथ
विधा-भगवान को काल्पनिक पत्र

परमपिता परमात्मा,
  आपके चरणों में कोटि कोटि नमन 

भगवान हम सभी आपकी असीम अनुकम्पा से सकुशल रहते हुए आप से यही प्रार्थना करती हूँ की ऎसी ही कृपा हम पर सदा बनाए रखना।
प्रभु आप तो अन्तर्यामी हो बिना कहे सब जानते हो फिर भी अपने मन की शांति के लिए मन की बात इस पत्र में लिख कर आपकी प्रतिमा के समक्ष रख रही हूँ ।भगवन आज करवा चौथ है, हम सभी सुहागिनें अखंड सौभाग्य की कामना लिए पति की सुख शांति के लिए व्रत रखती हैं, मन में आशा विश्वास लिए पूरी श्रद्धा से व्रत का पालन करती है। भारतीय संस्कृति में विभिन्न त्योहारों का जो महत्व है, वह अतुलनीय है। करवा चौथ में अर्धांगिनी द्वारा अपने ईष्ट स्वरूप पतिदेव की सलामती हेतु की गई पूजा निश्चित ही हमारी संस्कृति का गौरवशाली उदाहरण है इसे नमन। है चौथ माता सभी को प्यार भरा खुशनुमा जीवन प्रदान करें।
हे प्रभु उन सुहागिनों की दुआ भी करना मंजूर। 
सीमा पर तैनात है जिनकी मांग का सिंदूर।

 प्रभु हमारी संस्कृति के प्रति सब की आस्था बनी रहे, आनेवाली पीढ़ी भी अपने इन त्योहारों की अनूठी परंपरा को बरकरार रख कर हमारे शास्त्रों पर विश्वास बनाए रखे आज करवा चौथ का उपवास किए यही कामना कर रही हूँ ।

प्रभु किसी के भी माता-पिता की आँखों में आँसू ना आए, कोई भी बुजुर्ग वृद्धाश्रम नहीं पहुंचे, हमारी भावी पीढ़ी सबका सम्मान करे, हर त्यौहार का महत्व समझे, हमारे रीति रिवाजों को जिंदा रखे, अपनी संस्कृति से ना भटके यह प्रार्थना भी आज करवा चौथ का उपवास रखे हुए आप से कर रही हूँ , इस पत्र के जरिए मन की बात आप तक पहुंचा रही हूँ, सच्ची श्रद्धा से की गई भक्ति प्रभु आप तक जरूर पहुँचती है यह विश्वास है। प्रभु कभी किसी का विश्वास ना डगमगाये इसी प्रार्थना के साथ जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा प्रार्थना।

आपकी भक्ति में लीन
आपकी भक्त 
कलावती कर्वा


करवा चौथ

सुहागिनें रखती है करवा चौथ उपवास
भारतीय संस्कृति और त्यौहार होते खास
हाथ मेहंदी लगा कर सजे सोलह शृंगार 
मनोयोग से पूजा अर्चना, प्रभु से पुकार 
रहें निराहार पति की लंबी आयु कामना
रात में चाँद का दीदार कर व्रत खोलना 
हे चौथ माता सब पर कृपा बनाए रखना 
सभी बहनों की चौथ माता प्रार्थना सुनना
माँ उन सुहागिनों की दुआ भी करना मंजूर 
सीमा पर तैनात है जिनकी माँग का सिंदूर
माँ सुखी रखना सबको, खुशहाली घर द्वार
मनाते रहे हँसी खुशी सब व्रत और त्यौहार 

कलावती कर्वा

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