सोमवार, 9 नवंबर 2020

आरती तिवारी सनत जी द्वारा खूबसूरत रचना#

मंच नमन
बदलाव अंतरराष्ट्रीय राष्ट्रीय मंच
*विषय  -सरदार वल्लभ भाई पटेल लौह पुरुष एक व्यक्तित्व*
*राष्ट्रीय एकीकरण*



सरदार वल्लभभाई पटेल आजादी के बाद भारत के पहले उप प्रधानमंत्री बने
 31अक्टूबर अट्ठारह सौ पचहत्तर नाडियाड गुजरात में पिता झावेर पटेल
मां लाडवा की चौथी संतान वल्लभ भाई पटेल का जन्म हुआ।
एक अद्भुत बालक जो भविष्य में भारत के एकीकरण में अद्भुत योगदान के लिए जाना जाएगा। आजादी के बाद 565 रियासतों का विलय करके सरदार पटेल ने अखंड भारत का निर्माण किया इस कार्य में सहयोग दिया प्रिय सहयोगी वीपी मेनन जी ने
लंदन से बैरिस्टर की पढ़ाई की अहमदाबाद में वकालत की महात्मा गांधी जी के व्यक्तित्व से प्रभावित व
प्रेरित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया भारतीय अधिवक्ता राजनेता
भारतीय गणराज्य के संस्थापक महान
बहुत ही साहसी दृढ़ संकल्प लगन एकता की मिसाल हैं बारदोली आंदोलन में किसानों का साथ दिया बढ़ी हुई लगान की दर को घटाकर
६.०३ कर दिया वहां की महिलाओं ने
सरदार नाम दिया ।बतौर गृह मंत्री
पूरे भारत का एकीकरण किया
महात्मा गांधी जी ने उन्हें लौह पुरुष की उपाधि दी।आजाद भारत को एक विशाल राष्ट्र बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
*सरदार वल्लभ भाई पटेल का नारा*-
*आपकी अच्छाई आपके मार्ग में बाधक है इसलिए अपनी आंखों को क्रोध से लाल होने दीजिए अन्याय का सामना मजबूत हाथों से कीजिए*"इस मिट्टी में कुछ अनूठा है जो कई बाधाओं के बावजूद हमेशा महान आत्माओं का निवास रहा है"
"जीवन की डोर तो ईश्वर के हाथ में है
इसलिए चिंता की कोई बात  हो ही नहीं सकती"  ।
15 दिसंबर 1950 को मुंबई में वह क्षितिज में विलीन हुए। सन् 1991 मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

लौह पुरुष को लौह निर्मित एकता का
मूर्त रूप दिया गया है ।
स्टैचू ऑफ यूनिटी एकता का संदेश 
सरदार वल्लभभाई पटेल स्मारक विश्व में मान बढ़ाया है सरदार पटेल की प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है।



आरती तिवारी सनत
©® दिल्ली
२/११/२०२०

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