सोमवार, 23 नवंबर 2020

कवि श्याम कुँवर भारती द्वारा रचना

भोजपुरी छठ गीत 6 – छठ करे कैसे घरे जाई |
लागल सिमवा पर लड़ाई छठ करे कैसे घरे जाई |
दौरा छठ घाट के पहुंचाई छठ माई करा कुछ उपाई |
छठ करे कैसे घरे जाई |
के हो लियाई गेंहुआ के जाई पीसना पिसाई |
केरवा के घनिया उखिया डलिया कईसे आई |
छठ करे कैसे घरे जाई |
पापी पाकिसतनवा बेरी बेरी गोलवा चलावेला |
बदला लेवे बीना हमरो खूब मनवा सतावेला |
आई छठ मईया होखा मोर सिमवा सहाई |
छठ करे कैसे घरे जाई |
मारी दुशमनवा घरे हम जाइब छठ मनाइब |
डूबते सुरज छठ घाट अरघ हम चढ़ाइब |
नारियल केरा पुआ पकवान सुपवा चढ़ाई |
छठ करे कैसे घरे जाई |
गईया के घियवा धूप कपुरवा माटी के दियवा |
गेंहुया के ठेकुआ बंसवा के डलिया फलवा |
भोर भीनसरवा उगते सुरज अरघ हम चढ़ाई | 
छठ करे कैसे घरे जाई | 
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी 
बोकारो झारखंड।

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