बुधवार, 25 नवंबर 2020

डॉ. रेखा मंडलोई जी द्वारा बेहतरीन रचना#पुरूष गान#

बदलाव राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंच  प्रतियोगिता हेतु रचना प्रेषित करते हुए मंच के समस्त पुरूष वर्ग को नमन
शीर्षक 
पुरुष गान
पुरुष ही से तो बनती है जीवन में नारी की पहचान।
क्यूं न बढ़ाए हम सब मिलकर उसकी भी शान।
नारी की महिमा का तो सब करते रहते सदा गुणगान।
महान पुरुषों के गुणों से क्यों रहते है हम सब अनजान।
मनु पुरुष न होते तो ना बनता इतना सुंदर जहान।
राम, कृष्ण, गौतम भी बने अपने काम से बहुत महान।
विवेकानन्द ने अपने विचारों से विश्व में
बड़ाई हमारी शान।
कलाम जैसे पुरुष ने दी भारत को एक नई पहचान।
शून्य दे आर्यभट्ट ने गणित का दिया विश्व को ज्ञान।
अति विशिष्ट अति शिष्ट पुरुषों का क्यों नहीं करते हम बखान।
जिसने नारी को पूजा और दिया उसे अति सम्मान।
उस पुरुष की महत्ता का भी तो कर लो थोड़ा गुणगान।
मोदीजी ने भी तो भारत की विश्व में बड़ाई है शान।
फिर क्यों दुनिया नहीं करती ऐसे पुरुषों का गुणगान।
         डॉ. रेखा मंडलोई इंदौर

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