मंगलवार, 17 नवंबर 2020

सीता देवी राठी जी द्वारा खूबसूरत रचना#

जय माँ शारदे
बदलाव राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच (साप्ताहिक प्रतियोगिता )
दिनांक--12/11/2020 दिवस--बृहस्पतिवार
विषय--दीपोत्सव
विधा--गीत 
तर्ज (सावन का महीना)


मेहंदी रचे हाथों में लिखा है तेरा नाम,
ढेरों खुशियांँ लेकर आया दीपों का त्योहार ।

1.सुनिये पियाजी जरा ,चाय तो बनाना ,
सर में दर्द है ,थोड़ा बाम तो लगाना ,
त्योहारों के आने से बढ़ जाता है काम ,

ढेरों खुशियांँ लेकर आया दीपों का त्यौहार ------

2.जरा मुस्कुरादो गौरी ,चाय में बना दूँ ,
किचेन में जाकर सारे ,काम निपटा दूँ ,
तेरी मुस्कुराहट पे हाजिर है गुलाम ,

ढेरों खुशियां लेकर आया दीपों का त्यौहार ------

3.सुनिये पियाजी जरा ,शॉपिंग ले जाना ,
नेकलेस के साथ , मुझको चूड़ियां दिलाना ,
हीरों के बिना तो बने ना कोई बात ,

ढेरों खुशियांँ लेकर आया दीपों का त्यौहार ----

4.मेरा प्यार तो है गौरी , कोहिनूर हीरा ,
भर लो तिजोरी दिल की ,खाली हो कभी ना ,
जोड़ी सलामत रखना हे नारायण भगवान ।

ढेरों खुशियांँ लेकर आया दीपों का त्योहार ----

मेहंदी रचे हाथों में लिखा है तेरा नाम,
ढेरों खुशियां लेकर आया दीपों का त्यौहार ।



स्वरचित

सीता देवी राठी
कूचबिहार
पश्चिम बंगाल

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