शुक्रवार, 6 नवंबर 2020

कवि बाबूराम सिंह द्वारा 'करवा चौथ का त्योहार' विषय पर रचना

पावन बदलाव मंच को नमन
करवा    चौथ    पर    विशेष
=====प्रतियोगिता=======
करवा   चौथ    का   त्योहार
दिनांक - 04 / 11 / 2020
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=======शीर्षक=========
         करवा चौथ का त्योहार
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कार्तिक  कृष्ण  चतुर्थी  अति पावन  पर ,
पूजा गणेश  जी  का चाँद का दिदार कर।
व्रत करवा चौथ सुहागन स्त्रियों को शुभ ,
राग  सुहाग  सुचि  अनुपम  सु प्यार कर।
जीवन सुदीर्घ होत औरतों के पतियों का,
आश  विश्वाश  निज  मन उजियार  कर ।
देवों में अनादि  देव प्रथम पूज्य कृपा ही ,
विघ्न भव  बाधा का पावन पतवार  कर ।

चाँदकीशीतलता व श्रेष्टता गणेश  जीकी ,
निर्मल  व्रत  करवा  चौथ  में समाया  है।
होके  लवलीन व्रत सत्य में समाय सदा,
सुख  सनातन   से  औरतों  ने पाया है ।
पति  धर्म  बल  से अभय हो सबलता से,
स्वर्णिम  अपना  इतिहास  भी बनाया  है।
नेक पतिधर्म आत्मसात  कर सत्यता से ,
निज  चरणों में  भगवान  को झुकाया है।

रह   निराहार   नेक  नियत  नजर शुध्द ,
अनूठा गणेश जी की भक्ति में समाई के।
अर्चन   वंदन  अभिनंदन   कर अंतः से,
साज  व  श्रृंगार  सुचितम  सु सजाई  के।
चाँद आलोक से लख पति रुप चलनी में ,
व्रत  तोडती  है पति  हाथों जल पाई  के।
तोर -मोर  छोड़  करके  पति  सेवा सरस,
स्वर्ग  सुख  पाती  चरणन  में समाई  के।

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बाबूराम सिंह कवि
बड़का खुटहाँ , विजयीपुर 
गोपालगंज(बिहार)
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