सोमवार, 12 अक्तूबर 2020

कवि अशोक शर्मा वशिष्ट जी द्वारा रचना “युगपुरुष ए.पी.जे.अब्दुल कलाम"

नमन मंच

बदलाव मंच साहित्यिक प्रतियोगिता (9अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2020)

विषय।     (युगपुरुष ए.पी.जे.अब्दुल कलाम)

       
     आदरणीय कलाम तुम्हें प्रणाम
राष्ट्र हित में किए महान काम
महान वैज्ञानिक अर्जित किया मिसाइल मैन का उपनाम
अपनी प्रतिभा कौशल से कमाया विश्व में ऊंँचा किया भारत का नाम

       रामेश्वर उनका जन्मस्थान
छोटा कद घुंघराले बाल चिर परिचित मुस्कान
अपनी योग्यता से अर्जित किए अनेक मान-सम्मान
भारत रत्न पदम विभूषण प्राप्त हूए मैडल वीर सावरकर पुरस्कार

सादा जीवन उच्च विचार
सादगी के थे अवतार
बचपन से मिले उन्हें उच्च संस्कार
छोटा हो या बड़ा सबसे किया समान व्यवहार

 पच्चीस पुस्तकों का लेखन किया
देश के विकास में अहम योगदान दिया

इसरो और डी आर डी ओ में अपनी प्रतिभा को दिखाया
प्रथम परमाणु परिक्षण सफल कराया
विश्व में अपनी योग्यता का सिक्का जमाया
हे युगपुरुष तुम्हें कोटि-कोटि नमन

    अशोक शर्मा वशिष्ठ
मैं घोषणा करता हूँ कि यह मेरी मौलिक रचना है
अशोक शर्मा वशिष्ठ

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