गुरुवार, 15 अक्तूबर 2020

कवि विशाल चतुर्वेदी 'उमेश' जी द्वारा 'मिसाइल मैन' विषय पर रचना

मिसाइल मैन 

कलाम व्यक्ति नहीं विचारधारा है ।  
हिन्द का सबसे चमकता सितारा है ।  
जो कभी अस्त ना हो सके , 
यह भारत का सूर्य सबका दुलारा है ।  

अवनि से अम्बर पहुंचाया । 
सारे जहाँ में हिन्द का परचम लहराया ।   
हृदय स्पंदन के तारों को,  
इंसानियत का अंग बनाया । 

प्रणाम करूँ  मैं तिरुअनंतपुरम की माटी को ।  
प्रणाम करूँ  मैं उस दीया उस बाती को ।  
जिसने मंगल का रहस्य बताया , 
प्रणाम करूँ मैं हिन्द की अमूल्य थाती को ।  

सर्वमौलिक अधिकार सुरक्षित 
विशाल चतुर्वेदी " उमेश "
जबलपुर मध्यप्रदेश

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