शनिवार, 24 अक्तूबर 2020

कवयित्री अलका पाण्डेय जी द्वारा 'नारी जीवन का आधार' विषय पर रचना

बंदलाव मंच 
१८/१०/३०२०
सप्ताहिक प्रतियोगिता 
विषय - नारी शक्ति पर विशेष 
शीर्षक - नारी जीवन आधार 

नारी शक्ति है , नारी शक्तिपुंज है , नारी भक्ति है , नारी सेवा है , 
नारी विश्वास है , दृढ़ता है , 
नारि गौरव है नारी रचियता है 
नारी ने रचा संसार , है। 
नारी से ही संसार है ।
नारी जीवन आधार है ।।

नारी दुर्गा का अवतार है , 
आदिशक्ति है , अनुसूया है , 
पतिव्रता सावित्री है , लक्ष्मी है सरस्वती है और महाकाली की शक्ती है अन्नपूर्णा है । मेनका है 
नारी से ही संसार है । 
नारी जीवन आधार है !!

प्रेम दीवानी मीरा है तो , शक्ती शाली झाँसी की रानी है , पराक्रमी है , साहसी है अस्मिता की रक्षक है , पद्मावती का जौहर है , बुंलद हौसलों का जज़्बा है 
नारी से ही संसार है । 
नारी जीवन आधार है ।।

मदर टेरेसा की सेवा है , इंदिरा गांधी का नेतृत्व है , महादेवी वर्मा का ज्ञान है । देवी का रुप है नारी समर्पण है , अर्पण है , त्याग है 
बलिदान है नारी है तो सब संम्भव है । 
नारी से ही संसार है 
नारी जीवन आधार है ।।

रामायण की सीता है , महाभारत
की गीता है गीतों में लता है कला में मीना है , घर की मर्यादा है , 
रिश्तो का जोड़ है , प्रेम का वादा है , जीवन का पोषण है , पिता का मान है माँ की शान है । 
नारी विश्व स्वरुपा है   
नारी से संसार है 
नारी जीवन आधार है ।.
इसीलिए कहती हू् 
नारी का सम्मान करो । 
नारी पालन हार है 
नारी शक्ती है 
नारी जननी है 
नारी सम्माज, घर का सम्मान है 
नारी करुणा है दया है , 
प्रवाह है , परवाह है , ममता है 
दुलार है , शीतलता है , गहराई है 
नारी से संसार है 
नारी जीवन आधार है । 
नारी बहन है बेटी है , प्रेयसी है . 
पत्नी है , साली है , भाभी है , दोस्त है , अध्यापक है , गुरु है , 
नारी तृप्ती है , मंत्र है , कविता है 
कवियों की प्रेरणा है 
नारी से ही संसार है !
नारी जीवन आधार है!!
सम्भल जा नारी का 
अपमान मत कर , कमजोर न समझ , नारी कोमल नहीं 
नारी का सम्मान करो 
नारी शक्ती स्वरुपा है 
नारी से संसार है 
नारी जीवन आधार है 
डॉ अलका पाण्डेय मुम्बई 
मौलिक रचना

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