शुक्रवार, 16 अक्तूबर 2020

दलित साहित्य अकादमी के नेशनल पुरस्कारों  में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय 'बदलाव मंच' का जलवा

दलित साहित्य अकादमी के नेशनल पुरस्कारों  में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय 'बदलाव मंच' का जलवा

गुमला,झारखण्ड के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय 'बदलाव मंच' संस्थापक अध्यक्ष सह हिंदी संस्कृत शिक्षक व राजभाषा अधिकारी दीपक क्रांति को "राष्ट्रीय महात्मा ज्योतिबा फुले अवार्ड-2020",
बदलाव मंच अध्यक्षा सह शिक्षिका रूपा व्यास को
'वीरांगना सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय फेलोशिप सम्मान",तथा बदलाव मंच  उपाध्यक्ष सह समाजसेवी रूपक क्रांति को "भगवान गौतम बुद्ध राष्ट्रीय दलित साहित्य सम्मान,2020" देने की घोषणा भारत की उच्च व प्रतिष्ठित  साहित्यिक संस्था  भारतीय 'दलित साहित्य
अकादमी',दिल्ली द्वारा की गई है।
     यह जानकारी दीपक क्रांति ने देते हुए कहा कि इससे पूर्व वर्ष-2015 में भी दलित साहित्य अकादमी,दिल्ली द्वारा उन्हें डॉ.बी.आर.अम्बेडकर राष्ट्रीय अवार्ड से नवाज़ा जा चुका है..
विदित हो कि वह उस समय भी यह अवार्ड पानेवाले झारखण्ड के पहले साहित्यकार और सबसे कम उम्र के लेखक थे।इस बार लगातार दूसरी बार दलित साहित्य अकादमी पुरस्कार पाने वाले झारखण्ड के प्रथम साहित्यकार होंगे।उन्हें यह सम्मान उनके क्रांतिकारी विचारों,क्रांतिकारी साहित्य लेखन,शिक्षा-क्षेत्र में अनेक कीर्तिमान, निश्छल साहित्य सेवा  और जनसेवा  के लिए दिया जा रहा है।
        वहीं 'परमाणु नगरी' रावतभाटा,
चित्तौड़गढ़ राजस्थान की रुपा व्यास को यह सम्मान उनके द्वारा शिक्षा व साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है।रूपा व्यास ने बताया कि यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली वह राजस्थान की प्रथम व सबसे कम उम्र की युवा कवयित्री बन गई हैं।
      वहीं बदलाव मंच उपाध्यक्ष  झारखण्ड के लातेहार  चंदवा प्रखंड के रूपक क्रांति को "महात्मा बुद्ध राष्ट्रीय साहित्य सम्मान 2020"  सम्मान उनकी बुद्धवादी विचारधारा, स्वतंत्र व तर्कवादी ओशोमय सिद्धांत और स्वतंत्र  लेखन-पत्रकारिता  के लिए दिया जा रहा है। इस सम्मान को प्राप्त करनेवाले रूपक क्रांति अब तक के भारत के सबसे कम उम्र के और झारखंड-बिहार के एकमात्र पत्रकार-लेखक हैं..
       इस अद्भुत सफलता के बाद बदलाव मंच दीपक क्रांति की अगुवाई में भारत का सबसे सम्मानित साहित्यिक सेवा का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है
     दलित साहित्य अकादमी,दिल्ली द्वारा इन्हें आमंत्रण-पत्र के माध्यम से यह सूचना दी गई।इन्हें आगामी 24-25 दिसम्बर को दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यह  अवार्ड दिया जाएगा।यह सम्मान-समारोह भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा हर 5 वर्ष में आयोजित किया जाता है,जिसमें देश-विदेश  के चयनित लोगों को अलग-अलग फेलोशिप सम्मान से नवाज़ा जाता है।
जानकारी प्राप्त होते ही मंच के समस्त पदाधिकारियों,सदस्यों,मित्र व परिवार जनों ने दीपक क्रांति,रूपा व्यास व रूपक क्रांति को बधाई दी है।

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