गुरुवार, 1 अक्तूबर 2020

निर्दोष लक्ष्य जैन जी जय जवान जय किसान बिषय पर रचना#

जय जवान , जय किसान 
          जब तक नभ में चाँद एक भी तारा रहेगा 
          जय जवान, जय किसान का नारा रहेगा 
 . 
    लाल बहादुर शास्त्री भारत का  गुमान    रहेगा 
    राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी अभिमान हमारा रहेगा 

.     जब तक नभ में चाँद    एक भी तारा  रहेगा 
     जय जवान ,जय किसान     का नारा रहेगा  
     पाक ने जब वार किया शास्त्री ने ललकारा 
    जय जवान जय किसान कानारा लगाया था 
   हाथों में तिरंगा लहराता बच्चा बच्चा बोला था 
    जय जवान जय किसान का चारों तरफ नारा था 

   भारत माता के दोनो ही तो आँखो के तारे है 
  "लक्ष्य" कह रहा ये ही भारत भाग्य विधाता 
   एक पेट की भूख मिटाता एक देश की रक्षा करता 
   शान से यारों एवरेस्ट पर अपना तिरंगा   लहराता 

   जनम जयंती गाँधी , शास्त्री की सारा देश मनाता 
   गाँधी जी ने सत्य अहिंसा धर्म का  दीप जलाया 
  शास्त्रीजी ने जय जवान जय किसान का नारा दिया 
  दोनो है अभिमान हमारे   शाने   हिंदुस्तान 
  जय जय जवान ,        जय जय  किसान 

               .                 स्वरचित ...निर्दोष लक्ष्य जैन        .

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