शुक्रवार, 16 अक्तूबर 2020

कवयित्री वीणा आडवाणी जी द्वारा रचना “गौरवशाली मेरे देश भारत पे ये कैसे संकट मंडरा रहा है"

गौरवशाली मेरे देश भारत पे ये कैसे संकट मंडरा रहा है।।

क्या मेरा देश भारत ग्रह नक्षत्रों के चाल के भंवर में चला जा रहा है।।

पहले ही विपदा महामारी के मकड़जाल में उलझता नजर आ रहा है।।

ऊपर से पाक आतंकी गतिविधियों के तहत गोले बरसा रहा है।।

जमात के पेचिदा मुद्दों के विवाद भी मिल उसे कर सता रहा है।।

क्या धर्म के नाम पे इंसा,,इंसा पे दोष लगा मेरे देश भारत को फसा रहा है।।

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों संग मुठभेड़ में अपना वीर सिपाही खो आंसू भी बहा रहा है।।

पर गौरवशाली देश भारत का सिपाही लड़ सीना तान विजय भी पा रहा है।।।

लाकडाऊन के तहत लड़खड़ाई अर्थव्यवस्था की चपेट में भी जा रहा है।।

फिर भी साहस,, हिम्मत,,सब्र से सामना करना श्री मोदी जी से हर कोई सिख पा रहा है।।2।।

वीना आडवानी।।
नागपुर, महाराष्ट्र
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