बुधवार, 21 अक्तूबर 2020

कवि श्याम कुँवर भारती जी द्वारा रचित गीत

भोजपुरी देबी गीत 1 – बिना दरसन जाइब ना |
केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
बिना दरस जाइब ना माई छोडब ना तोर दुयार हो |
अबोध बलकावा माई पूजा पाठ नाही जानीला |
जगदंबा जगजननी माई तोहके हम मानीला |
देई डा दर्शनवा माई दे दा आफ्ना दुलार हो | 
केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
सोनवा के थारी हम उतारी आरती माई के |
फूल अड़हुलवा चरनवा चढ़ावे भारती माई के |
सिरवा चरनिया झुकाई माई के पूजे सब संसार हो |
केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
तुही हउ लक्षमी काली शारदा भवानी |
किरीपा करा हमपर भूली हमरो नादानी |
सबके तू कईलु माई करा हामरो विचार हो | 
केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
बरम्हा विष्णु महेश माई तोहरे के पूजेले |
दुनिया चलाई कईसे तोहरे से पुछेले |
भारती डुबत नईया मईया लगा दा तानी पार हो |
केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी 
बोकारो झारखंड।

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