शुक्रवार, 30 अक्तूबर 2020

सतर्क भारत समृद्ध भारत#साधना मिश्रा विंध्य जी द्वारा खूबसूरत रचना#

बदलाव मंच को सादर नमन

25 से 26 अक्टूबर 2020 प्रतियोगिता हेतु सादर प्रेषित

दिनांक- 26/10 /2020
दिन- सोमवार
विधा- कविता
विषय -सतर्क भारत समृद्ध भारत

शोभित है जब तक दिवाकर
तब तक भारत का नाम रहे
सतर्क समृद्ध भारत का
सकल विश्व पर राज रहे।

विधाता राम -परशुराम सा
तेजस्वी तेज प्रताप रहे
सतर्क समृद्ध भारत का
सकल विश्व पर राज रहे।

किरीट ताज मौर पगड़ी सा
शोभित सुरभित ताप रहे
सर्तक समृद्ध भारत का
सकल विश्व पर राज रहे।

शिव केशव संग ब्रह्म कमंडल सा
अमित व्योम विकल्प रहे
सतर्क समृद्ध भारत का
सकल विश्व पर राज रहे।

वेदवती कालिंदी गंगा सा
शुद्ध विशुद्ध संकल्प रहे
सतर्क समृद्ध भारत का
सकल विश्व पर राज रहे

ऋतुपति मधुमास वेदव्यास सा
जनमानस अनुरक्त रहे
सतर्क समृद्ध भारत का
सकल विश्व पर राज रहे।

रक्तमणि रक्तांग प्रवाल सा
शशि प्रभा से युक्त रहे
सतर्क समृद्ध भारत का
सकल विश्व पर राज रहे।

वैदेही मैथिली भूमिजा सा
शक्ति पूरित जय घोष  रहे
सतर्क समृद्ध भारत का
सकल विश्व पर राज रहे।

सत्य सनातन सतत निरंतर
कालजयी उद्घोष रहे
सतर्क समृद्ध भारत का
सकल विश्व पर राज रहे।

साध्य साधन साधना का
आवाहन चहुओर रहे
सतर्क समृद्ध भारत का
सकल विश्व पर राज रहे।


साधना मिश्रा विंध्य
लखनऊ उत्तर प्रदेश

मैं साधना मिश्रा विंध्य प्रमाणित करती हूंँ कि यह मेरी स्वरचित मौलिक अप्रकाशित रचना है।

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