सोमवार, 12 अक्तूबर 2020

कवयित्री पूजा नबिरा जी द्वारा रचना “नारी तू ही जीवन शक्ति"

बालिका दिवस 
नारी तू ही जीवन शक्ति 
नारी तू ही जीवन भक्ति 
नारी तू श्रद्धा की गागर 
नारी तू है प्यार का सागर 

जीवन को  ही रचने वाली 
क्यों तेरा जीवन है खाली 
अब जाग समझ,है तेरी बारी 
पहचान बना तू अपनी न्यारी 

आँखों में क्यों अश्रु भरकर 
 सदा रही क्यों  तू बेचारी? 
क्यों तू मांगे है भीख... 
अब अपने हक़ माँगना सीख 

बदल गई है दुनिया सारी... 
भर गगन तक उड़ान न्यारी 
अस्मिता को कोई छू ना पाये 
ज्वाला बन,  तू बन चिंगारी 
पूजा नबीरा 
स्वरचित

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