शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2020

कवयित्री रश्मि मानसिंघानी जी द्वारा 'नारीशक्ति' विषय पर रचना

नमन बदलाव राष्ट्रीय ,अन्तराष्ट्रीय मंच
साप्ताहिक प्रतियोगिता
विषय-नारीशक्ति /माँ दुर्गा
दिनांक:-22/10/2020
विधा:-काव्य

जय माँ अम्बे (भजन )

 जय माँ अम्बे , जय माँ अम्बे, जगदम्बे, 
 जय माँ अम्बे, जय माँ अम्बे, जगदम्बे। 
 पार लगा दो मेरी नैया, माँ अम्बे, 
 जय माँ अम्बे, जय माँ अम्बे, जगदम्बे। 

 आई हूँ मैया तेरे द्वार पे  दूर से, 
 अपने चरणों में शरण दो माँ अम्बे। 

 जय माँ अम्बे,  जय माँ अम्बे, जगदम्बे 
 पार लगा दो मेरी नैया माँ अम्बे। 

 आशाओं का दीप जला के लाई हूँ, 
 खाली झोली भर दो माँ  जय अम्बे। 
 
 जय माँ  अम्बे, जय माँ अम्बे, जगदम्बे, 
 पार लगा दे मेरी नैया माँ अम्बे। 

 द्वार पर तेरे खड़ी हूँ  मैया कब से, 
 अपने दर्शन दे दो माँ  जय अम्बे। 

जय माँ अम्बे, जय माँ अम्बे, जगदम्बे, 
 पार लगा दे मेरी नैया माँ अम्बे। 

रश्मि मानसिंघानी
 मस्कट ओमान।

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