शुक्रवार, 16 अक्तूबर 2020

कवि श्याम कुँवर भारती जी द्वारा रचना “भोजपुरी गीत होई माई के नजरिया "

भोजपुरी देवी गीत (धोबी गीत ) – होई माई के नजरिया |
मुंहवा काहे फुलवलु गोरी चला मेला के डहरिया |
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया | 
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया | 
सड़िया ले अइली तोहके काजर टिकुली ले अइली |
अलता पावडर संगवा तोहके चानी पायल ले अइली |
ले अइली तोहके ना रानी चम चम चमके चदरिया |
हम ले अइली तोहके ना | 
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया | 
लागल लोक डाउन गोरी असो मेलवा ना लगिहे |
दुर्गा पूजा होई बाकी झूला खेलवा ना होइहे |
कहा घुमाइब तोहके ना गोरी मेला के बजरिया |
कहा घुमाइब तोहके ना|
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया |
मेलवा ना चला गोरी तोहके मूर्ति हम देखाइब |
दुर्गा माई के चरनिया केरा नारियर चढ़ाइब |
मन से पुजवा करिहा ना होई माई के नजरिया | 
मन से पुजवा करिहा ना |
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया |
साल भर पर आइल गोरी माई दुर्गा के पुजनवा |
नवरातन भूखा तू हु गावा देवी माई के भजनवा |
मनसा पूरा होइहे ना भरी खाली तोर अंचरिया |
मनसा पूरा होइहे ना | 
हम घुमाइब तोहके ना झारखंड बोकारो के शहरिया |

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी 
बोकारो झारखंड

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