रविवार, 4 अक्तूबर 2020

कवयित्री डॉ अंजू गोयल जी द्वारा रचना “विषय - गाॅऺंधी जयंती पर विशेष"

*बदलाव-मंच*
०४/१०/२०२०
छंद- *मनहरण*
विषय शब्द- *गाॅऺंधी जयंती पर विशेष*

*सादर प्रतियोगिता हेतु*
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*(१)*
*चरखा चलाते गांधी, फिर खोज लिया खादी,*
     *रहकर सत्यवादी, बने तब महात्मा।*
*धोती लाठी सूखी काठी,लेके चले लाखों साथी,*
    *अहिंसा की नीति राखी, पावन हुई आत्मा।*
*फूट डाल राज किया, स्वामी को ही दास किया,*
    *गोरों की गोरियत का, पल में किया खात्मा।*
*छुआ-छूत अंत किया, शिक्षा पर ध्यान दिया,*
    *स्वच्छता का मान किया, लागे परमात्मा।।*

*(२)*
*देख दशा देशवासी,जो भी बने थे प्रवासी,*
     *उनके सुधार हेतु,घर छोड़ जाते हैं।*
*नंगे पांव दौड़े जाते, दुख में न घबराते,*
     *हरिजन मन भाते, बापू जी कहाते हैं।*
*करो या मरो का नारा, गूंज रहा देश सारा,*
    *छोड़ो भारत हमारा, फिरंगी भगाते हैं।*
*हॅऺंसते थे औ हॅऺंसाते, पाठ सत्य का पढ़ाते,*
    *राम नाम धुन गाते, मोक्ष वही पाते हैं।।*

*डॉ अंजू गोयल*
फिरोजाबाद

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