सोमवार, 26 अक्तूबर 2020

. राजेश कुमार जैन जी द्वारा विजय नज्म पर बेहतरीन रचना#

सादर समीक्षार्थ
आजाद नज़्म
 मुझे आपसे प्यार का तोहफा चाहिए 
तोहफे में आपका बस ऐतबार चाहिए 
दिल बहलाने को तो यूँ ख्याल बहुत हैं
 मुझे तो आपका बस एहसास चाहिए..।।

 मुझे आपसे प्यार का तोहफा चाहिए
 फिर जिंदगी में और कुछ भी नहीं चाहिए
 एक कशिश भी जरूरी है जीने के लिए
 कुछ तो अरमान पूरे होने भी चाहिएँ..।।

 मुझे आपसे प्यार का तोहफा चाहिए
 गुजार रहा हूँ आपके बगैर भी जिंदगी 
जीने का कोई मकसद होना चाहिए 
आ जाओ चंद सांसों की मोहलत बची..।।

 मुझे आपसे प्यार का तोहफा चाहिए
 आखिरी ये ख्वाहिश पूरी कर दीजिए 
आपको आपके है रब का ही वास्ता
 आप एक बार आकर बस मिल तो लीजिए..।।

 मुझे आपसे प्यार का तोहफा चाहिए
तोहफे में आपका बस एतबार चाहिए ..।।



डॉ. राजेश कुमार जैन
 श्रीनगर गढ़वाल
 उत्तराखंड

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें