शनिवार, 3 अक्तूबर 2020

बदलाव मंच' राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय समीक्षक आ.भास्कर सिंह माणिक कोंच जी एवं आ.डॉ.रेखा मण्डलोई 'गंगा' जी द्वारा 'बदलाव मंच' वेबपोर्टल पर टॉप छः रचनाओं की समीक्षा-*

*'बदलाव मंच' राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय समीक्षक आ.भास्कर सिंह माणिक कोंच जी एवं आ.डॉ.रेखा मण्डलोई 'गंगा' जी द्वारा 'बदलाव मंच' वेबपोर्टल पर टॉप छः रचनाओं की समीक्षा-*

1. *आ.डॉ.रेखा मंडलोई 'गंगा' जी द्वारा प्रस्तुत समीक्षा*-

(1) *नारायण प्रसाद साहू* द्वारा प्रेषित रचना *'मुंह में राम बगल में छुरी'* में वर्तमान समय की एक ज्वलंत समस्या को उजागर किया गया है कि किस प्रकार वर्तमान समय में मानव का मानव के प्रति व्यवहार बदलता जा रहा है। आज लोगों की बनावटी व्यवहार वाली मानसिकता, जिसमें सामने तारीफ की जाती है और पीठ पीछे बुराई।
यह रचना समसामयिक समस्या से रूबरू कराती बहुत ही बेहतरीन रचना है, जो लोगों को अपने व्यवहार का आंकलन करने पर मजबूर करती है, इसके लिए रचनाकार बधाई के पात्र हैं।
*'बदलाव मंच' समीक्षक डॉ. रेखा मंडलोई इंदौर*

(2) *बेटी* को आभूषण से भी कीमती दर्शा कर पिता के भाग्योदय का माध्यम बना दिया, *डॉ.प्रकाश मेहता जी* ने अति उत्तम भावना भरी हुई है उनकी छोटी सी रचना गागर में सागर के समान प्रतीत हो रही है। आप निश्चित रूप से बधाई के पात्र है।
*'बदलाव मंच' समीक्षक डॉ. रेखा मंडलोई इंदौर*

(3)बहुमुखी प्रतिभा की धनी 'बदलाव मंच' राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय,अध्यक्षा, *रूपा व्यास* संचालन के क्षेत्र में कुशलता का परिचय देने के साथ साथ लेखन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। बेटी दिवस के अवसर पर आपके द्वारा *बेटी* विषय पर चार छोटी-  छोटी रचनाओं में बेटी के संबंध में उनकी सद्भावना को बहुत सुंदर ढ़ंग से प्रस्तुत किया है ।
बेटी रचना में उन्होंने बताया है कि प्यारी हंसी का अहसास देने वाली बेटियां जन्म लेते ही घर को खुशियों से भर देती हैं, उसकी एक हंसी मां की दिन भर की थकान दूर कर देती हैं। बेटी बचाओ  विषय में उन्होंने बेटियों को परिवार के लिए उपहार स्वरूप माना है, बेटी पर अत्याचार करने वाले संकीर्ण मानसिकता वाले लोगों को चित्रित करते हुए उनसे बेटियों को बचाने के लिए लोगों को प्रेरित किया है।
बेटियों का महत्व रचना में लड़की को आशीर्वाद स्वरूप दर्शाते हुए उन्हें देवी के समान सम्मान देने की भावना लोगों में जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है। अंत में बेटी की सुरक्षा नामक रचना में बेटियों पर होने वाले अत्याचार पर चिंता व्यक्त करते हुए बेटी बचाओ अभियान के माध्यम से बेटियों की सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया है। लेखिका की सभी रचनाएं बेहतरीन हैं, इसके लिए आप बधाई की पात्र हैं।
*'बदलाव मंच' समीक्षक डॉ. रेखा मंडलोई ' गंगा ' इंदौर*

*2.आ.भास्कर सिंह माणिक कोंच जी द्वारा प्रस्तुत समीक्षा-*

(1) *सम्मानीय*
*चंचल हरेंद्र वशिष्ट जी*
 ने *रचना 'कली'* को प्रतीक बनाकर आपने आज का अनोखा चित्रण करते है।
बेटियों की दशा और दिशा का बहुत ही मार्मिक उत्कृष्ट रचना लिखी है। आपकी रचना में संवेदना के स्वर स्पष्ट छलकते हैं ।
उपवन में महत्व कलियों को लोग तोड़कर किस तरह से क्षित-विक्षत कर देते हैं। कली की मुस्कुराहट कली की मौत का कारण बन जाती है ।फूल बनने से पहले ही किस तरह कली मसल दी जाती है आज भी ऐसा देखने को मिल रहा है। आपने कली के माध्यम से बेटियों पर होते अत्याचार का बहुत ही मार्मिक चित्रण किया है मैं आपका अभिनंदन करता हूंँ, आपकी कलम को नमन करता हूंँ।
*'बदलाव मंच' समीक्षक भास्कर सिंह माणिक कोंच*

*(2) *सम्मानीया गरमा विनीत भाटिया जी* अपनी रचना मैं *पारिवारिक जीवन* दर्शन का अनोखा चित्रण किया है। नई कविता के सूत्र आपने बखूबी निभाई। रिश्तो मैं कड़वाहट और प्रेम का वर्णन आपने बहुत ही अच्छे ढंग से किया है जैसे क्रोध का सागर जब उछाल लेता है धैर्य उसका आचमन कर लेता है। परिवार भी सुखी समृद्ध तभी बनता है । उत्तर चढ़ाव जीवन की सतत प्रक्रिया है। जो इस प्रक्रिया को समझ लेते हैं वह हमेशा सुख प्राप्त करते हैं।
 आपने अपनी कविता में बहुत ही प्रेरक चित्रण किया मैं आपका अभिनंदन करता हूं ।आपको नमन करता हूं।
*'बदलाव मंच' समीक्षक भास्कर सिंह माणिक कोंच*

*(3) सम्मानीया सविता मिश्रा जी* ने  *दिनकर जी* की जीवनी को अपनी रचना में बहुत ही अच्छे ढंग से प्रदर्शित किया लेकिन आपकी प्रेरक कविता *"काव्यांजलि"* नई कविता ,दोहा, सोरठा, छंद, सरैया, आदि  किसी भी धरातल को स्पष्ट नहीं करती। रामधारी सिंह दिनकर जी के जीवन दर्शन का वर्णन बहुत ही मार्मिक प्रेरक और अच्छे ढंग से किया है। यदि इस रचना को तोड़कर नई विधा में ढ़ाल दिया जाए तो निश्चित ही
 यह रचना कालजई, रामधारी सिंह दिनकर जी के जीवन दर्शन की प्रेरक कविता होगी।
आपके भाव इतने सवाल उत्कृष्ट हैं मैं आपकी कलम का अभिनंदन वंदन करता हूं। मैं आपको नमन करता हूं।
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*'बदलाव मंच' समीक्षक भास्कर सिंह माणिक कोंच*
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*'दीपक क्रांति'*
*संस्थापक व मार्गदर्शक*
*-राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय 'बदलाव मंच'*

*रूपा व्यास*
*अध्यक्षा,राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय 'बदलाव मंच' एवं समस्त 'बदलाव मंच' कुटुंब*
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