गुरुवार, 1 अक्तूबर 2020

श्याम कुँवर भारती (राजभर)कवि जी द्वारा#

भोजपुरी मुकतक – 
बच के रइहा |
चली ना चाल ये राजा तनी बच के रइहा |
बाजा दिहे जवान बाजा तनी बच के रइहा |
मारी मूक्का तोर दिहले कमर जान जाई |
रहा दूर मिली घाव ताजा तनी बच के रइहा | 

राफेल 
देखावा न बम गोला राफेल हमरो आ गईल |
टुकी टुकी टूट जईबा टाइम तोहरो आ गईल |
केहु के कंधा केहु के बंदूक चीन पाक मिताई |
सकबा ना चीन भारत जवान सगरो आ गईल | 

चीनवा के कीमा 
हम जाइब माई देश सीमा सेनवा भर्ती करा दे |
हम बनाइब चिनवा के कीमा टोपी वर्दी बना दे|
चाहे बरसे आग बरफ गोला सिमवा प ठाड़ रहब |
फुलत बा छप्पन इंची सीना तनी जल्दी करा दे | 

हिंदुस्तान भोजपुरीया |
काहे दुधवा पियवलु ये माई हम जवान भोजपुरिया |
हमके भेजतु सिमवा बनती हम कपतान भोजपुरिया |
राजपूत सिक्ख गोरखा रेजीमेंट हमरे देशवा के बाड़े |
हमरो बनी रेजीमेंट कहाई माई हिंदुस्तान भोजपुरीया | 
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी 
बोकारो झारखंड

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