मंगलवार, 13 अक्तूबर 2020

डॉ.विजय लक्ष्मी जी द्वारा रचना “ए०पी०जे०अब्दुल कलाम""

*बदलाव मंच साप्ताहिक प्रतियोगिता* 
 *"ए०पी०जे०अब्दुल कलाम"* 

 *शीर्षक* *-"सादगी की मिसाल"* 

भारत देश की आन-बान-शान,
हमारे ए०पी०जे०अब्दुल कलाम,
ईमानदारी और मितव्ययिता की,
मिसाल थे यह सादगी की,

प्रारम्भिक जीवन में इनके,
सुख-सुविधा का बहुत अभाव,
कलाम के जीवन पर पड़ा,
अपने पिता का खूब प्रभाव,

लगन से परिपूर्ण, ये थे संस्कारी,
कठिन समय में हार ना मानी,
जीवन में बहुत कुछ करने की,
अपने मन में खूब ही ठानी,

भारतीय गणतन्त्र के थे,
नवनिर्वाचित ग्यारहवें राष्ट्रपति,
हो जीवन में कैसी भी परिस्थिति,
ना ही घबराये, ना पीछे हटे कभी,

लेखक, वैज्ञानिक, प्रोफेसर,
थे ये एयरोस्पेस इंजीनियर,
तीव्र इच्छा,आस्था और अपेक्षा,
थी इनके रग-रग में समाई,

कलाम ने अपने जीवन में,
निर्णायक की भूमिका निभाई,
जीवनसंघर्षों का सफर रहा जारी,
अनुशासनप्रिय थे यह शाकाहारी,

एक नाम था इनका"मिसाइल मैन",
युवाओं को किया बहुत प्रेरित,
'भारतरत्न' 'सर्वोच्च नागरिक सम्मान',
इनको मिले कई प्रतिष्ठित पुरस्कार,

आज के युवाओं,कुछ तो करो मनन,
प्रेरणा लो कलाम जी से,
स्वयं जीवन को बना लो सफल,
हाथ जोड़ कलाम जी को,
शत-शत करें नमन।

डॉ० विजय लक्ष्मी
काठगोदाम उत्तराखण्ड

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