रविवार, 25 अक्तूबर 2020

निर्दोष लक्ष्य जैन जी द्वारा#

शराबी                     
   छोड़ दे छोड़ दे , छोड़ दे छोड़ दे 
   छोड़ दे तू पीना , शराब छोड़ दे 
   छोड़ दे छोड़ दे , छोड़ दे छोड़ दे 
   छोड़ दे तू शराबी , पीना छोड़ दे ॥ 

  अपने बच्चों की खातिर पीना छोड़ दे 
  अपनी बीवी की खातिर पीना छोड़ दे 
  कर माँ बाप का ख्याल पीना  छोड़ दे 
   जिंदगी से यद प्यार  पीना .  छोड़ दे 
   छोड़ दे छोड़ दे  ,    छोड़ दे   छोड़ दे 
.  .छोड़ दे तू  पीना ,  शराब     छोड़ दे ॥ 

   ये महफिलें ये बहकना  नहीं ठीक है 
   ये  पी के      मचलना   नहीं ठीक है 
   यूँ पी  के       झगड़ना  नहीं ठीक है 
   यूँ  पी   के      गिरना    नहीं ठीक है 
   छोड़ दे  छोड़  दे , छोड़ दे   छोड़  दे 
    छोड़ दे तू पीना  ,     शराब छोड़ दे ॥ 

  अपनी मेहनत की दौलत,  लूटाओ ना यूँ 
  अपने बच्चों  कॊ      तुम ,सताओ ना यूँ 
  अपनी बीवी कॊ   तुम , तड़पाओ ना  यूँ 
  अपने जीवन कॊ तुम , गवाओ   ना    यूँ 
  छोड़ दे छोड़  दे   , छोड़ दे      छोड़   दे 
  छोड़ दे तू  पीना   , शराब      छोड़   दे ॥ 

  देखा बच्चों कॊ खिलौने , कॊ तरस ते  हुए 
  देखा बीवी के गहने भी  ,    बिकते     हुए 
  देखा माँ बाप कॊ दवाई बिन, मरते     हुए 
  देखा मियां बीवी कॊ ,  रोज लड़ते      हुए 
   देखा पी कर नाली में ,    गिरते         हुए 
   छोड़ दे  छोड़ दे  ,    छोड़ दे     छोड़   दे 
   छोड़ दे तू पीना  ,  शराब         छोड़   दे ॥ 

   छोड़ दे   " निर्दोष"   पीना    छोड़      दे 
   जिंदगी से यद प्यार तो , पीना छोड़    दे ॥ 

   स्वरचित    निर्दोष लक्ष्य जैन 
                       धनबाद

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