रविवार, 27 सितंबर 2020

कवयित्री पूजा नबीरा जी द्वारा 'बेटियांँ' विषय पर रचना

बेटियाँ 
बिन कहे ही सब जान जाती हैं 
दिल का गहना होती हैं.. 
मन के भावों को पढ़ती हैं.. 
अँगना में रुनझुन सी.. 
आते जाते लगती हैं... 
सयानी सी होती हैं 
मंदिर की घंटी सी... 
घर को सुरमयी करती हैं... 
बेटियाँ वरदान सी... 
सबसे प्यारी होती हैं... 
पूजा नबीरा 
काटोल नागपुर 
महाराष्ट्र 
स्वरचित

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