मंगलवार, 1 सितंबर 2020

कवि कृष्णा सेंदल तेजस्वी जी द्वारा रचना

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⛳⛳⛳         _*कविता शेष*_          ⛳⛳⛳
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_जब देशद्रोही सम्मुख हो तो अभिराम नही रुकता।_

_श्रीकृष्ण संग अर्जुन हो रथ अविराम नही रुकता।।_

_काट  दिये  शिर हमने  या तो कट गए शिर हमारे।_

_स्वाभिमान जिंदा हो सीने में संग्राम नही रुकता।।_


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                          *_कृष्णा सेन्दल तेजस्वी_*

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