रविवार, 20 सितंबर 2020

हँसी एक रामबाण औषधिविधा :आलेख#शिवशंकर लोध राजपूत जी द्वारा खूबसूरत रचना#

दिनांक :20/09/2020
दिन :रविवार 
विषय : हँसी एक रामबाण औषधि
विधा :आलेख
*हँसी एक रामबाण औषधि*

आज का इंसान भौतिक सुख-सुविधाओं की चाह में मारा मारा फिरता है अधिक रुपया कमाने के लिए रात दिन काम में व्यस्त रहता है लाखों करोड़ों का मालिक बनाना चाहता है और यही अधिक धन अर्जित करने की लालसा उसे तनावग्रस्त करती है इस व्यस्तता के चलते हँसी तो उसके चेहरे से लुप्त ही हो गई सुनने में आता है कि फलां व्यक्ति या व्यापारी को अचानक हार्ट अटैक हो गया बाहर से तो देखने में ठीक था लेकिन अंदर से परेशान था हँसी का तो दूर-दूर तक कहीं नामोंनिशान नहीं था अगर मानो तो वैज्ञानिकों के अनुसार हँसना एक रामबाण औषधि है हँसाता चेहरा दूसरों को अच्छा लगता है वही हँसने से अनेक रोग स्वतः दूर हो जाते हैं सुबह पार्क में जाओ वहां कुछ लोग ग्रुप में हँसते मिलेंगे कुछ समय निकालकर इंसान को जरूर हँसना चाहिए डॉक्टरों के अनुसार हँसते रहने से व्यक्ति को फेफड़े के रोग नहीं होते ऑक्सीजन का संचार होता रहता है गंदगी हवा बाहर निकलती है चेहरा खिल जाता है खिल-खिलाकर हँसने से पाचन शक्ति बढ़ती है कब्ज रोग दूर होते हैं हँसते बच्चे अन्य बच्चों की अपेक्षा हष्ट पुष्ट व निरोग होते हैं आंखों की चमक बढ़ती है जब आप किसी समस्या से तनावग्रस्त हो तो 
चुटकुले, कॉमिक्स पढ़ें ,कॉमेडी फिल्म देखे  या उस पल को याद कीजिए जो तुम्हारे जीवन में खुशी में हँसी के पल गुदगुदाए यकीन कीजिएगा आपका तनाव कम होगा किसी रोगी का हाल-चाल पूछे तो संवेदना भरी बातों की बजाय हँसी मजाक करें हँसने से पीड़ा कम हो जाएगी अत हंँसी एक रामबाण औषधि है हँसने से तन व मन दोनों स्वस्थ रहते हैं !

खूब हाँसिए, दूसरों को भी हँसाए, 
तनावमुक्त रहे तन मन स्वस्थ रहे !
इस रामबाण आौषधि, 
हँसी को सभी आपनाएँ !!

शिवशंकर लोध राजपूत ✍️
(दिल्ली)
व्हाट्सप्प नं. 7217618716

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