गुरुवार, 17 सितंबर 2020

कवि- आ. संजय कुमार विश्वास जी द्वारा खूबसूरत रचना..

अपने   हालातों  पर  मुझे   जरा भी  कोई  हैरानी  नहीं  है
अपने  दुखों , गमों  से   भी   मुझे  कोई  परेशानी  नहीं  है
बस गम ये की बेबसी  की  सीढियों से उतर नहीं पा रहा हूँ 
चाहकर भी अपने अजीजों खातिर कुछ कर नहीं पा रहा हूँ 
बस यही एक चिंता  मुझे  हर  पल ही  खूब सताएँ रहती है
मैं मुस्कुराना चाहता  हूँ  और  ये  मुझे सदा रूलाए रहती है

कवि संजय कुमार विश्वास
तिसरी ,गिरिडीह ,झारखंड

1 टिप्पणी:

  1. जीवन एक रंगमंच है हर व्यक्ति अपना अपना किरदार निभा रहे है।
    anitamantri1971@gmail.com
    Anita mantri Amravati

    जवाब देंहटाएं