रविवार, 6 सितंबर 2020

लॉक डाउन में शिक्षकों की स्थिति#शशिलता पाण्डेय जी द्वारा शानदार रचना#

राष्ट्रीय -अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता(*बदलाव मंच*)
विषय:-लॉक डाउन में शिक्षकों की स्थिति
दिनांक:-4/09/2020
रचनाकारा:-शशिलता पाण्डेय
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🙏 माँ शारदे को नमन🙏
सम्माननीय मंच बदलाव अंतराष्ट्रीय मंच सादर नमन
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लॉक डाउन में शिक्षकों की स्थिति
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शिक्षक समाज का दर्पण,
 करते नौनिहालों का नवनिर्माण।
मेहनत और लगन से,
 देते बच्चों को उद्देश्यपूर्ण ज्ञान।
इन सम्मानित शिक्षकों का,
 उचित नही मिलता मान-सम्मान,
हमारे भावी कर्णधारों को,
 ये ही कराते दिशा ज्ञान।
ये लाइलाज बीमारी, 
महामारी कोरोना काल
निजी शिक्षकों का,
 लॉक डाउन में बुरा हाल।
सरकारी शिक्षक को,
 गैर शिक्षण का रोजगार,
पर गैर-सरकारी,
 शिक्षक हुए बेरोजगार।
शिक्षण- संस्थान की बंदी से,
पहुँचे भुखमरी के कगार।
आत्महत्या को मजबूर हुए,
 अनाथ हुआ आश्रित परिवार।
सरकारी शिक्षक कभी,
 कोरोना के आंकड़े जुटाते,
कभी बच्चों को ऑनलाइन,
 मोबाइल पर पढाते।
शिक्षक सरकारी या गैर-सरकारी,
 शिक्षा देते एक समान,
 वेतन में अंतर इतना कि,
 निजी शिक्षक देते जान।
सरकार करती हर लोगो का,
 और हर वर्ग का ध्यान।
कोचिंग और ट्यूशन वाले के,
 दर्द से क्यों अनजान?
 शिक्षक के ही निर्देशन में,
 मिलता हर क्षेत्र में मान-सम्मान।
एक प्राइवेट शिक्षक बेरोजगारी से,
आत्महत्या को मजबूर हुआ।
ये सच्ची खबर मेरे बलिया शहर की,
 खबर सुनकर,मन दुख से द्रवित हुआ।
जो शिक्षक अपनी मेहनत लगन से,
 देश के विकास में देते योगदान।
लॉक डाउन से बेरोजगार हुए,
शिक्षक मजबूर हुए देने को जान।
इस से बड़ी एक देश के लिए,
दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति हो नही सकती।
बदलाव की क्रांति के बिना,
सरकार सक्रिय हो नही सकती।
शिक्षक दिवस पर हमें एक संकल्प,
सम्मानित शिक्षकों के प्रति लेना होगा।
अपने देश के शिक्षकों को उचित सुरक्षा,
 सम्मान के लिए कोई आंदोलन करना होगा।
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स्वरचित और मौलिक
सर्वधिकार सुरक्षित
रचनाकारा:-शशिलता पाण्डेय

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