मंगलवार, 29 सितंबर 2020

कवयित्री नीलम डिमरी जी द्वारा 'लता मंगेशकर' विषय पर रचना

नमन मंच
दिवस--- सोमवार
दिनांक--28/09/2020

       **लता मंगेशकर**


तुम  सुर देवी हो,
तुम राग रागिनी हो।
 सरगम कि तुम 'लता 'हो,
 सप्त स्वरों की जननी हो ।

सर्वप्रथम गायिका बनीं तुम, 
नाम, प्रसिद्धि की हिस्सेदार तुम।
सुबह के भजन तुम्हारी मुखवाणी के, 
मौसम को करती खुशगवार तुम।

 लता, तुम तो देश की शान हो,
 हर भारतीय नारी का सम्मान हो। 
बच्चे गाते तुम्हारे जयगीत, 
वतन के लोगों का मान हो ।

पहला मराठी गाना गाया,
 मान सम्मान तुमने पाया।
 कई पुरस्कारों से सम्मानित, 
भारत रत्न भी उस में समाया।

 बॉलीवुड उद्योग की धुन हो तुम,
 आशा भोंसले की बहन हो तुम।
 राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया,
 सैकड़ों सुरों की लगन हो तुम।

      रचनाकार--- नीलम डिमरी
       चमोली,,,,,,, उत्तराखंड

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