सोमवार, 21 सितंबर 2020

कवि श्याम कुमार भारती जी द्वारा 'सजनी' विषय पर रचना

भोजपुरी गीत- चुनरिया संभाला सजनी |
बरसेला बदरा झीर झीर चुनरिया संभाला सजनी |
चिकन भुईया जइहा ना गिर उमरिया संभाला सजनी|
रही रही चमकेले बदरा मे बिजुरिया |
भरी भरी नजरा मे तरसेले गुजरिया |
लौटी सइया अइहे ना फिर गगरिया संभाला सजनी |
दुअरा पर ठाड़ गोरी निहारे ली डहरिया |
कब अइहे निर्मोही मोर बाँके सवरिया |
बहावे गोरी अँखिया नीर नजरिया जुड़ाला सजनी |
सगरो गगनवा छाईल कारी बदरिया |
पिया घरे नाही गोरी जिनगी अनहरिया |
बयार बरखा जिया अधीर सेजरिया संभाला सजनी |
छाए घटा घनघोर हिया भय लागे बड़ी ज़ोर |
गरजे बदरवा पिया बिन पड़पे जिया मोर |
अईले साजन खियावा खीर पजरिया बुलाला सजनी |  
बरसेला बदरा झीर झीर चुनरिया संभाला सजनी |
चिकन भुईया जइहा ना गिर उमरिया संभाला सजनी|

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी 
बोकारो झारखंड मोब -9955509286

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